समाचार

संस्कार, संस्कृति और सृजन का संगम—पाठशाला में आयोजन : पाठशाला के बच्चों ने ‘विष्णु कुमार’ नाटक से जीता दिल, राखी सजाओ प्रतियोगिता में झलकी रचनात्मकता


महरौनी में 108 गुरु दत्त सागर जी महाराज एवं मेघदत्त सागर जी महाराज के सान्निध्य में पाठशाला परिसर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत ‘विष्णु कुमार’ नाटक और राखी सजाओ प्रतियोगिता ने दर्शकों का मन मोह लिया। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की ख़ास रिपोर्ट…


महरौनी (ललितपुर) के पवित्र आध्यात्मिक वातावरण में रविवार को 108 गुरु दत्त सागर जी महाराज एवं मेघदत्त सागर जी महाराज के सान्निध्य में पाठशाला परिसर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “विष्णु कुमार” नाटक रहा, जिसे पाठशाला के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अद्भुत अभिनय के साथ मंचित किया।

पाठशाला की संचालिका रशमी मलैया के कुशल निर्देशन में तैयार किए गए इस नाटक ने दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों ने अपनी वेशभूषा, संवाद अदायगी और भावपूर्ण अभिनय से उपस्थित श्रद्धालुओं एवं अतिथियों की वाहवाही लूटी। नाटक के माध्यम से सामाजिक और धार्मिक मूल्यों का सुंदर संदेश दिया गया।

 राखी सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन 

इसके साथ ही राखी सजाओ प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने एक से एक बढ़कर सुंदर व रचनात्मक राखियां तैयार कीं। इस अवसर पर मुनिश्री ने रक्षाबंधन पर्व का जैन धर्म में महत्व बताते हुए कहा कि यह पर्व केवल भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक नहीं, बल्कि धर्म, त्याग और सुरक्षा के संकल्प का भी द्योतक है। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण और गुरु वंदना से हुआ। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष उपस्थित रहे और सभी ने बच्चों के प्रयास और प्रतियोगिता में दिखाए गए उत्साह की सराहना की।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

Tags

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page