पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर में आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में नगर गौरव ऐलाचार्य प्रभावना भूषण महाराज के समाधिस्थ होने पर विनयांजलि सभा में वक्ताओं ने मुनि श्री की उत्कृष्ट साधना और त्याग को नमन किया। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर…
ललितपुर। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर में आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में नगर गौरव ऐलाचार्य प्रभावना भूषण महाराज के समाधिस्थ होने पर विनयांजलि सभा में वक्ताओं ने मुनि श्री की उत्कृष्ट साधना और त्याग को नमन किया। आचार्य श्री सन्मतिसागर महाराज से दीक्षित ऐलाचार्य महाराज के गृहस्थ जीवन से संबंधित अनेक संस्मरण वक्ताओं ने बताते हुए कहा जीवन में वैराग्य की कोई उम्र नहीं होती और न ही वैराग्य एक दो दिन की साधना से आता है इसके लिए निरंतरता जरूरी है। समाधि को उत्कृष्ट साधना बताते हुए आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज ने कहा प्रत्येक श्रावक को ऐसी भावना करनी चाहिए कि जीवन का अन्तिम समय गुरू सानिध्य में रहे और मरण समाधि पूर्वक हो। विनयांजलि सभा में न्यायाधीश रायसेन अरविंद जैन ने जीवन में संस्कारों को प्रेरणादायी बताते हुए कहा यही संस्कार हमें जीवन में सदगति प्रदान कराने में कारण बनते हैं।
विनयांजलि सभा का शुभारंभ नीली श्राविका मंडल ने आचार्य श्री के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण कर किया। जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया, अवध बिहारी उपाध्याय, कैप्टन राजकुमार जैन, नेमिकुमार जैन एड, अनिल जैन अंचल, अक्षय अलया, सतीश नजा, श्रयांस जैन गदयाना, पं. शीतल प्रसाद जैन, रितिक जैन सुनील सराफ, ब्रहमचारी संतोष भैया, संजय जैन हिरावल, अनीता मोदी, सुमन दिवाकर, उमा सैदपुर, प्राची जैन ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री आकाश जैन ने किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से सनत जैन खजुरिया, महेन्द्र जैन मडवैया, प्रबंधक मोदी पंकज जैन, मनोज जैन बबीना, अजय जैन गंगचारी, आनंद जैन भागनगर, सुवेन्दु जैन बंट, प्रेमचंद विरधा, प्रदीप जैन सतरवांस, सुधीर जैन जरावली, सौरभ जेन पीलू सुभाष जैन खुरई, अनंत सराफ, मनोज जैन, शैलेश जैन पिन्टू आदि मौजूद रहे।













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