जैन समाज की साध्वी सृष्टि भूषण माताजी के जन्म जयंती महोत्सव पर जैन समाज अम्बाह द्वारा अनेक सेवा कार्य किए गए। इस अवसर पर महिलाओं का सम्मान भी किया गया। पढ़िए अजय जैन की रिपोर्ट…
अम्बाह। जनसेवा के प्रति समर्पित जैन समाज की साध्वी सृष्टि भूषण माताजी के जन्म जयंती महोत्सव पर जैन समाज अम्बाह द्वारा अनेक सेवा कार्य किए गए। इस मौके पर दिन भर धार्मिक, सामाजिक और परोपकारी कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा। परेड चौराहा स्थित जैन मंदिर में प्रातः काल श्री सन्मति भक्त मंडल द्वारा विशाल सार्वजनिक भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग ढाई हजार लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। इसी तरह दोपहर में सृष्टि मंगलम परिवार भारत वर्ष द्वारा लगभग 500 सर्व जातीय कामकाजी महिलाओं का सम्मान कराया गया एवं उन्हें उपहार भेंट किये गए।

स्वकल्याण के साथ लोक कल्याण
इस अवसर पर जैन साध्वी विश्वयश मती माताजी ने कहा कि समाधि सम्राट संत सन्मति सागर महाराज की लोक कल्याण की परंपरा को पूज्य मां सृष्टि भूषण द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है। महिलाओं एवं बेटियों को आगे बढ़ाने, पढ़ाने और समाज की मुख्यधारा में शामिल रखने में इस तरह के सामाजिक आयोजन आवश्यक हैं उन्होंने कहा कि श्री सृष्टि भूषण माताजी लोक कल्याण के लिए साधना कर रही है और उनके जीवन का लक्ष्य स्व कल्याण के साथ-साथ लोक कल्याण है यही वजह है कि उनके जन्म जयंती के अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और उनमें सद्भाव का भाव बढ़ाने में महिला सम्मान का यह आयोजन महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कार, संस्कृति और सद्भाव का संगम यह कार्यक्रम है। सृष्टि भूषण माताजी ने कहा कि मातृशक्ति का स्वयं के परिवार के साथ-साथ समाज व देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रसर हैं। पूज्य माताजी ने कहा कि महिलाएं देवी रूप हैं। महिलाएं कभी भी अबला नहीं हो सकतीं, महिलाएं सबला है और शक्तिपुंज हैं। इसलिए सभी महिलाओं का सम्मान करके सृष्टि मंगलम परिवार गौरवान्वित है। इस अवसर पर पूज्य माताजी ने सभी महिलाओं को आशीर्वाद भी प्रदान किया। आयोजन में मौजूद बच्चों को भी वस्त्र एवं सभी को भोजन के डिब्बे प्रदान किए गए।













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