सनावद में आचार्यश्री विशुद्धसागर जी महाराज के मंगल प्रवेश के बाद शनिवार दोपहर में स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर में कार्यक्रम हुए। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलन किया। शास्त्र भेंट किए गए। चरण पखारे गए। इसके अलावा संघपतियों का सम्मान किया गया। सनावद से पढ़िए सन्मति जैन काका की यह खबर…
सनावद। नगर में आचार्यश्री विशुद्धसागर जी महाराज के मंगल प्रवेश के बाद शनिवार दोपहर में स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर में विविध कार्यक्रम हुए। दिगंबर जैन समाज के श्रावक और श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलन से लेकर अन्य कार्यक्रमों में धार्मिक उल्लास से भाग लिया। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य इंदरचंद अनुभव कुमार सराफ परिवार को प्राप्त हुआ। आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य किरणबाई पुत्र संदीपकुमार चौधरी परिवार को मिला। गणिनी आर्यिका श्री विशिष्ट मति माताजी को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य पवन कुमार विनीश कुमार गोधा परिवार ने लिया।
गणधर श्रमण मुनि विवर्धन सागर जी महाराज को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य किरणबाई पुत्र संदीपकुमार चौधरी परिवार ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन नूतन गांधी, राजकुमार दोशी, संतोष शाह, सुभाष सांवरिया, मुकेश पेप्सी, पंडित शरद बनारसी ने किया। सनावद नगर के समाजजनों ने आचायश्री विशुद्धसागर जी महाराज को विहार करवा रहे संघपतियों का सम्मान किया। समाजजनों ने संघपतियों राजू प्रेरणा सोलापुर, संतोष सोलापुर, नूतन गांधी सोलापुर, सुभाष सांवरिया, पंडित शरद बनारसी छिंदवाड़ा तथा राकेश शाह का सम्मान किया। सनावद नगर में साधुओं और साध्वियों के आगमन से नगरवासी इसे अपना पुण्योदय मान रहे हैं। यहां आने वाले आचार्य, मुनियों और साध्वियों की मंगल अगवानी, शोभायात्रा और उनके प्रवचनों से नगर में धार्मिक माहौल उच्च स्तर पर है।
अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागर जी महाराज ससंघ यहां विराजित हैं। शनिवार को सुबह मुनिश्री के सानिध्य में आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज की भव्य अगवानी की गई। शनिवार शाम को आचार्यश्री विशुद्धसागर जी महाराज का सिद्ध क्षेत्र सिद्धवरकूट की ओर विहार हो गया है। यहां 20 अप्रैल से लघु पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन आचार्यश्री के सानिध्य में होने जा रहा है। इसकी तैयारियां सिद्धवरकूट सिद्ध क्षेत्र में कर ली गई हैं।













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