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सम्मेद शिखर : लालकिले पर जैन समाज की आमरण अनशन की चेतावनी

एक सप्ताह में फैसला बदला जाए                           

 26दिसंबर से देशव्यापी आंदोलन तेज़ करने का आह्वान                                          

 दिल्ली में 11 दिसंबर से धरना-प्रदर्शन चल रहा         

सम्मेद शिखर फैसला बदलने में हो रही देरी से जैन समाज में रोष बढ़ रहा है. जैन समाज ने अब एक सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी है कि अगर फैसला तय मियाद तक नहीं बदला गया तो दिल्ली के लाल किले पर अमरण अनशन होगा .

जानिए क्या है जैन समाज की मांगें

दिल्ली के लाल किले पर रविवार 18 दिसम्बर को जैन संत प. पूज्य मुनि श्री 108 विहर्ष सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजित श्री सम्मेद शिखर जी बचाओ आन्दोलन में विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष श्री संजय जैन ने बताया कि किसी साजिश के तहत शास्वत जैन तीर्थ श्री सम्मेद शिखर की पवित्रता व स्वतंत्र पहचान नष्ट करने की कोशिश की जा रही है जिसे समस्त जैन समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही करेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि झारखण्ड सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय वन मंत्रालय ने 2 अगस्त 2019 को इको सेंसिटिव जोन में श्री सम्मेद शिखर जी को वन्य जीव अभ्यारण्य का एक भाग घोषित कर पर्यावरण पर्यटन व गैर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति दी है जो कि जैन समाज को मंजूर नहीं है।

इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी जी ने केंद्रीय वन मंत्री से चर्चा की है और केंद्रीय वन मंत्रालय के उच्च अधिकारियों से मुलाकात करवाई । अधिकारियों के सामने गजट की आपतियों को उनके संज्ञान में लाया । अधिकारियों ने आगामी एक सप्ताह में आवशयक कार्यवाही का आश्वासन दिया । प्रतिनिधिमंडल ने यहीं घोषणा कर दी अगर अगामी सप्ताह में आश्वासन अनुसार कार्यवाही नही की गयी तो 26 दिसम्बर से दिल्ली सहित समूचे देश में आमरण अनशन आरम्भ होगा और निर्णय वापस होने तक जारी रहेगा ।

विश्व जैन संगठन के उपाध्यक्ष यश जैन ने बताया कि इस दौरान  संरक्षक राजेश जैन, उपाध्यक्ष यश जैन, महामंत्री सुदीप जैन, महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका रुचि जैन और विकास जैन, नीरज जैन, प्रदीप जैन और संगठन से जुड़े दिल्ली, मेरठ, खतौली, सरधना, बडौत और अनेको स्थानों से युवा उपस्थित थे.

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