अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने मंगलवार सुबह श्री दिगंबर तेरहपंथी जिनालय, तिलक नगर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि व्रत, त्याग, संयम को धारण करने से मोक्ष मिलता है। किसी कर्म के उदय से मोक्ष नहींं हो तो स्वर्ग तो अवश्य ही मिलता है। व्रतों को धारण करने भाव मुनियों के सानिध्य में रहने से आते हैं और दृढ़ता आती है। पढ़िए रेखा संजय जैन की विशेष रिपोर्ट…
इंदौर।अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने गुरुवार सुबह श्री दिगंबर तेरहपंथी जिनालय, तिलक नगर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि व्रत, त्याग, संयम को धारण करने से मोक्ष मिलता है। किसी कर्म के उदय से मोक्ष नहींं हो तो स्वर्ग तो अवश्य ही मिलता है। व्रतों को धारण करने भाव मुनियों के सानिध्य में रहने से आते हैं और दृढ़ता आती है। जो मुनि को भाव,श्रद्धा से नमस्कार करता है उसके शरीर के रोग नष्ट हो जाते हैं। मुनि के मल, मूत्र, वमन आदि की स्पर्शित हवा हमारे शरीर को लग जाए या मुनि की दृष्टि हमारे शरीर पर पड़ जाए तो शरीर के रोग दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि तुम जितनी श्रद्धा के साथ मुनियों को नमस्कार करोगे, उतने शरीर के रोग दूर होंगे।
जब पति-पत्नी के आपस में विचार नहीं मिलते तो गृहक्लेश का कारण और मिलते हैं तो स्वर्ग का कारण होता है। उसी प्रकार मुनि आशीर्वाद और श्रावक की श्रद्धा का मिलन हो जाए तो रोग दूर तो क्या परमात्मा बना जा सकता है। जिस घर प्रतिदिन मुनि के निमित से भोजन बनता है, उस घर में कभी रोग, शोक का प्रवेश हो ही नहीं सकता है।
ये भी रहे मौजू
इससे पहले राजेश जैन ने बताया कि धर्म सभा का संचालन सी ए मयंक जैन, मंत्री ने किया। मुनि श्री का पाद प्रक्षालन अनिल -हेमलता बड़जात्या परिवार द्वारा किया गया। शास्त्र भेंट नितिन -पूजा जैन, विद्या वेद परिवार, सुनील बंडी परिवार, राजेंद्र जी मोदी परिवार और देव जी चौधरी परिवार ने किया। धर्म सभा में मुकेश पंचोली, राकेश मोदी, जय कुमार जैन, सचिन जैन उद्योगपति सहित अन्य समाजजन उपस्थित थे।













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