पावन नगरी सलेहा में आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में ध्वजारोहण के साथ भव्य पंचकल्याणक महोत्सव का शुभारंभ हुआ। तीर्थंकरों के जीवन से परिचय पंचकल्याणक के प्रथम दिन पर मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी महाराज ने कहा कि पंचकल्याणक महोत्सव आत्मा से परमात्मा बनने की क्रियाओं का चित्रण है। सलेहा से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर…
सलेहा। पावन नगरी सलेहा में आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में ध्वजारोहण के साथ भव्य पंचकल्याणक महोत्सव का शुभारंभ हुआ। तीर्थंकरों के जीवन से परिचय पंचकल्याणक के प्रथम दिन पर मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी महाराज ने कहा कि पंचकल्याणक महोत्सव आत्मा से परमात्मा बनने की क्रियाओं का चित्रण है। वहां तीर्थंकरों के जीवन चरित्र लोगों को परिचित कराया जाता है। पंचकल्याणक के प्रथम दिवस पर पूर्व गर्भकल्याणक की क्रियाओं के अंतर्गत सौधर्म इंद्र, कुबेर इंद्र आगमन, अयोध्या नगरी की रचना, अष्टकुमारियों द्वारा माता की सेवा, सोलह स्वप्न, गर्भकल्याणक की आंतरिक क्रियाओं का जीवंत मंचन किया गया। सलेहा पंचकल्याणक महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है। आचार्य श्री विशुद्धसागर जी के मंगल आशीर्वाद एवं सानिध्य में यह दिव्य आयोजन होने जा रहा है।
श्रद्धालुजन सलेहा पहुंचे
यह पंचकल्याणक महोत्सव नव निर्मित जिनालय में अत्यंत श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान के साथ किया गया। कार्यक्रम में गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान एवं मोक्ष इन पांचों कल्याणकों की भव्य क्रियाएं होंगी। दूर-दूर से श्रद्धालुजन सलेहा पहुंचकर धर्मलाभ ले रहे हैं।
धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम के रंग छाए
आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के आगमन को लेकर नगर में व्यापक स्तर पर स्वागत की तैयारियां की गईं। मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया तथा विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हं। रांछी से पधारी हुई मनाली पाटणी ने कहा कि यह महोत्सव न केवल सलेहा, बल्कि समस्त विंध्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और अविस्मरणीय क्षण है। धर्म, संयम और साधना की इस पावन धारा में सहभागी बनकर श्रद्धालु अपने जीवन को धन्य कर रहे हैं।













Add Comment