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सैकड़ों भक्तों की मौजूदगी में हुआ पिच्छिका परिवर्तन समारोह

झुमरीतिलैया। राजकीय अतिथि श्रमण मुनि श्री विशल्यसागर जी गुरुदेव ससंघ के चातुर्मास संपन्न के साथ रविवार को पिच्छिका परिवर्तन समारोह आयोजित हुआ। नया मंदिर में हुए इस कार्यक्रम में सैकड़ों भक्त शामिल हुए। इस अवसर पर कलश वितरण का कार्य भी गुरुदेव के मंगल आर्शीवाद के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुनि श्री ने कहा कि यह पिच्छी परिवर्तन नहीं, हृदय का परिवर्तन है। यह पिच्छी कोई शोभा की वस्तु नहीं है, यह तो एक साधना का उपकरण है।

 

यह निर्ग्रंथ चर्या का परम उपकरण है। पिच्छी के बिना साधु सात कदम से आगे नहीं जा सकते। यदि पिच्छी न हो तो कोई नमोस्तु भी नहीं करेगा। पिच्छी के बिना संयम का पालन नहीं हो सकता। संयम का आधार,अहिंसा का प्रतीक पिच्छी एक साल में परिवर्तन जरूरी है क्योंकि पिच्छी की एक साल में मृदुता नष्ट होने लगती है। इसलिए अहिंसा के पालन में बाधक हो जाती है इसलिए पिच्छी बदलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिच्छी के विशेष पांच गुण होते हैं- मृदुता, लघुता, सुकोमलता, अराजकता और पसीना ग्रहण न करना।

यह पिच्छी मोर के पंखों से प्राप्त होती है। यह भी अहिंसक होती है क्योंकि जब मोर के नए पंख आने लगते हैं तो वह पुराने पंखों को छोड़ देता है और उसे उठाकर, इकट्ठा करके पिच्छी बना लेते हैं। यह पिच्छी इतनी कोमल हाेती है कि यदि पंख आंख में भी चला जाए तो भी कोई हानि नहीं होती। यह जीवों के प्राणों की भी रक्षा करती है। गुरुदेव विशल्यसागर जी महाराज की पुरानी पिच्छी ग्रहण करने का सौभाग्य सुरेन्द्र जैन काला को प्राप्त हुआ। विनिशोध सागर जी महाराज की पुरानी पिच्छी ग्रहण करने का सौभाग्य ललित जैन सेठी जी को प्राप्त हुआ।

ऐलक तत्वार्थ सागर जी महाराज की पुरानी पिच्छी ग्रहण करने का सौभाग्य मनोज जैन गंगवाल जी को प्राप्त हुआ। क्षुल्लिका विसाम्य श्री माता जी की पुरानी पिच्छी ग्रहण करने का सौभाग्य रूपेश जैन छाबड़ा को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम संघस्थ अलका दीदी, भारती दीदी के निर्देशन में हुुआ।

इस अवसर पर समाज के मंत्री ललित सेठी, सह मंत्री राज छबड़ा, मार्गदर्शक सुरेश झांझरी, सुशील छाबड़ा, प्रदीप छाबडा, जय कुमार गंगवाल, मनीष सेठी, मीडिया प्रभारी राजकुमार अजमेरा, दिलीप बाकलीवाल, विकास पाटोदी, ऋषभ सेठी, महिला संगठन की अध्यक्ष नीलम सेठी, मंत्री आशा गंगवाल, सुगन्धा जैन (गया), स्थानीय पंडित अभिषेक जैन सहित समाज के सैकड़ों लोग मौजूद थे। मंच संचालन सुबोध गंगवाल ने किया। यह जानकारी कोडरमा मीडिया नवीन जैन और राजकुमार अजमेरा ने दी।

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