झुमरी तिलैया. राजकुमार अजमेरा। कोडरमा के श्री दिगम्बर जैन नया मंदिर के निकट रानी सती धर्मशाला में आयोजित ऐतिहासिक चातुर्मास अंतर्गत श्री 1008 चौबीस समवसरण महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का महाआयोजन श्रमण मुनिश्री 108 विशल्य सागरजी महाराज ससंघ सानिध्य में पूरी भक्ति और उत्साह से हो रहा है। आज कोडरमा में होने वाली दीक्षार्थी संतोष भैया ने प्रातः केश लोंच किया।
इसके बाद आज तीसरा दिन प्रातः 1008 आदिनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा समाज के महामंत्री ललित-नीलम सेठी को प्राप्त हुआ। उसके पश्चात विश्व शांति प्रदायक 1008 कल्पद्रुम महामंडल की पूजा रायपुर से आये अजित जी शास्त्री, कमलेश जी शास्त्री और अभिषेक जी शास्त्री के द्वारा एक-एक मंत्र को शुद्धता के साथ वाचन कर की। इसके साथ एक-एक कर अर्घ्य के साथ 302 श्रीफल चढ़ाए गए।

इस विधान के बारे में परम पूज्य मुनि श्री 108 विशल्य सागर मुनिराज ने बताया कि अर्घ्य समर्पण करने से मन मे एकाग्रता आती है और ये कल्पतरु विधान कल्पवृक्ष के जैसा फल देने वाला है, जहां आपको सुख शांति स्वास्थ्य समृद्धि सफलता और पुण्य प्रसून के साथ परम्परा से मोक्ष का भी कारण भी बनेगा। दिन में दीक्षार्थी भैया के अनुमोदन के लिए गंधरवलय विधान किया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री 108 विभव सागर जी मुनिराज के द्वारा दीक्षा लेने वाले दीदी और भैया का गोद भराई सम्मान समारोह हुुआ।
संघस्थ अलका दीदी, भारती दीदी ने इन दीक्षार्थियों की अनुमोदना कर कहा कि ये जल्द ही मुनि और आरियक बन अपने जीवन को मोक्ष मार्ग पर लगाये। विधान संयोजक नरेंद्र झांझरी, राज छाबड़ा ने बताया कि कोडरमा की इतिहास में 5 सितम्बर को संतोष भैया का दीक्षा का कार्यक्रम होगा। आज विधान के समवशरण में पूजा करने और विशेष अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य मुख्य श्रोता प्रदीप- मीरा छाबड़ा, विशेष चक्रवर्ती संजय-बबिता गंगवाल, ईशान इंद्र- अजय-सारिका बड़जात्या, सनत कुमार इंद्र कमल-कुशम गंगवाल, महेंद्र इंद्र -विजय-नीलम सेठी, जाप कलश स्थापना कर्ता नरेंद-वीणा झांझरी, अखंड दीप प्रज्ज्वलनकर्ता प्रदीप-प्रेम प्रियंका पांड्या परिवार को प्राप्त हुआ। आज विशेष रूप से विधान में शामिल सौरभ अजमेरा हजारीबाग, मनोज-वंदना गंगवाल धनबाद के साथ अनेक लोग शामिल हुुए। यह जानकारी मीडिया प्रभारी नवीन जैन और राज कुमार अजमेरा ने दी।












