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सही को सही कहना तो सीखोः मुनि सुधासागर जी

महावीर निर्वाण महोत्सव पर अभिनंदनोदय में 108

श्रद्धालु करेंगे शान्तिधारा

ललितपुर. राजीव सिंघई । श्री अभिनन्दनोदय अतिशय तीर्थ में निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने कहा है कि दुनिया में तीन दृष्टिकोण वाले लोग रहते हैं। एक वह व्यक्ति होता है जो ना कभी किसी का अच्छा करता है, न किसी का अच्छा सोचता है और न बुरा न अच्छा देखना पसंद करता है। उसे मालूम ही नहीं कुछ अच्छा भी होता है। अपने जीवन को भी बुराईयों से भरे रखता है। गंदगी ही जिसे पसंद है, अच्छाई पसंद नहीं है। बुराई ग्रहण नहीं की जाती। अपने आप संस्कारवश प्रगट होती है। बुरे काम सिखाना नहीं पड़ते, पर अच्छे काम सीखने में, अच्छा बनने में जीवन भी कम पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि जिसे दूसरों की निंदा करने और निन्दा सुनने में ही रस आ रहा, आनद आ रहा ऐसा व्यक्ति प्रशंसनीय नहीं। एक व्यक्ति वह होता है जो स्वयं तो अच्छा कार्य नहीं

करता, पर दूसरों को अच्छे कार्य करने से रोकता नहीं है। मैं पुण्य नहीं कर पा रहा, पर दूसरे को पुण्य करने से नहीं रोकता। स्वयं मंदिर नहीं जाता, स्वयं नियम नहीं लेता, साथ ही दूसरों को कभी नियम लेने से नहीं रोकता।

मुनिश्री ने आगे कहा कि बुरे को बुरा मानने वाला, पाप को पाप मानने वाला, एक दिन पापों से

मुक्त हो जाता है। जिसने पाप को पाप नहीं माना, उसका कभी भी उद्धार नहीं हो सकता ।

मुनिश्री ने कहा कि शराब पीना व्यसन है, गन्दी आदत है लेकिन जो शराब को बुराई मानता है, उसकी यह आदत एक दिन समाप्त हो जाती है। कम से कम सही को सही कहना तो सीखो। उन्होंने कहा कि दीपावली के दिन सभी लोगों को एक नियम अवश्य लेना है कि हम भले ही धर्म नहीं कर रहे हैं, दूसरें को धर्म करने से नहीं रोकना है। क्योंकि धर्म प्रशंसनीय है, अनुकरणीय है एवं पाप निंदनीय निंदा के योग्य है। कार्यक्रम का संचालन डा. अक्षय टडैया ने किया।

 

पंचायत अध्यक्ष अनिल अंचल ने बताया कि 25 अक्टूबर को भगवान

महावीर के निर्वाण महोत्सव के अवसर पर प्रातः 7 बजे श्री अभिनंदनोदय

तीर्थ क्षेत्र में 108 श्रद्धालुओं द्वारा विशेष शान्तिधारा दुनिया की खुशहाली के लिए होगी। उसके बाद लाडू चढ़ाया जायेगा। उसके उपरान्त निष्ठापन की क्रियायें एवं चातुर्मास एवं भक्ति कलश के वितरण होंगे। तदोपरान्त दोपहर में श्रावकों के घर पर गोतम गणधर के केवल ज्ञान के उपलक्ष्य में पूजा का आयोजन करें। मुनिश्री ने देवगढ़ जी एवं सेरोन जी में भी विशेष पूजा एवं लाडू चढ़ाने का विशेष आयोजन किया गया है।

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