समाचार

रिटायर्ड ब्रिगेडियर डॉ. अमिता ने कहा नर्सें ही असली योद्धा : स्टूडेंट्स ने टीएमयू के रिद्धि-सिद्धि भवन में ली फ्लोरेंस नाइटिंगेल की शपथ


सारांश। तीर्थंकर पार्श्वनाथ कॉलेज ऑफ नर्सिंग टीपीसीओएन, अमरोहा के स्टूडेंट्स ने टीएमयू के रिद्धि-सिद्धि भवन में आयोजित लैंप लाइटिंग सेरेमनी में फ्लोरेंस नाइटिंगेल की शपथ ली। टीएमयू वीसी प्रो. वीके जैन ने कहा कि नर्सिंग स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रोफेसर श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर….


मुरादाबाद। प्रो हरिंदर ने कहा कि नर्सों के व्यवहार और वाणी की उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका है। निदेशक गवर्नेंस डॉ. नीलिमा जैन बोलीं कि नर्सिंग सेवा का मूल तत्व एन्पैथी तथा प्रोफेसर सुभाषिनी कहती हैं कि नर्सिंग प्रतिज्ञा चरित्र, कर्तव्य और पेशेवर पहचान का आधार है। यह सभी उद्गार यह एक समारोह में सामने आए। मिलिट्री नर्सिंग सर्विस की सेवानिवृत ब्रिगेडियर डॉ. अमिता देवरणी ने नर्सिंग स्टूडेंट्स से कहा कि नर्सें असली योद्धा होती हैं। कठिन परिस्थितियों, युद्ध क्षेत्र, प्राकृतिक आपदाओं या व्यस्त अस्पतालों में नर्सें ही सबसे पहले और अंतिम समय तक रोगी के साथ रहती हैं। नर्सिंग पेशा सम्मान, साहस और सेवा से भरा हुआ है। उन्होंने नर्सिंग स्टुडेंट्स से हर परिस्थिति में अनुशासन बनाए रखने, रोगी के दर्द को समझने, टीम वर्क की क्षमता विकसित करने, तनावपूर्ण स्थितियों में निर्णय लेने की कला सीखने और पेशेवर नैतिकता को कभी न छोड़ने की सलाह दी। डॉ. अमिता ने कहा कि आज आप जो दीप अपने हाथों में थामे हुए हैं, वे सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि आपके भीतर की सेवा-भावना का प्रतीक है। इस प्रकाश को कभी मंद न होने दें। डॉ. देवरणी तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के तीर्थंकर पार्श्वनाथ कॉलेज ऑफ नर्सिंग-टीपीसीओएन, अमरोहा की ऑथ सेरेमनी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं।

इससे पूर्व ब्रिगेडियर डॉ. अमिता ने बतौर मुख्य अतिथि, आरएके नर्सिंग कॉलेज, दिल्ली की पूर्व प्राचार्य प्रो. हरिंदर गोयल ने बतौर विशिष्ट अतिथि, टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन, निदेशक गवर्नेंस डॉ. नीलिमा जैन, सीटीएलडी के डायरेक्टर प्रो. पंकज कुमार सिंह आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके रिद्धि-सिद्धि भवन में ऑथ सेरेमनी का शंखनाद किया। दूसरी ओर नर्सिंग स्टूडेंट्स ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अतिथियों का मन मोह लिया। इस मौके पर नर्सिंग कॉलेज की डीन प्रो. एसपी सुभाषिनी, टीपीसीओएन की प्राचार्या प्रो. श्योली सेन आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। नर्सिंग कॉलेज की डीन प्रो. एसपी सुभाषिनी ने नर्सिंग स्टूडेंट्स को फ्लोरेंस नाइटिंगेल की शपथ दिलाई। शपथ में स्टूडेंट्स ने हाथ में दीप लिए प्रतिज्ञा दोहराई, हम मानवता की सेवा के लिए स्वयं को समर्पित रखेंगे। पेशेंट के स्वास्थ्य, सुरक्षा और गोपनीयता का सम्मान करेंगे। नैतिकता, अनुशासन और सच्चाई से अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के संग-संग अपने ज्ञान और कौशल को अपडेट रखेंगे।

टीएमयू के कुलपति प्रो. वीके जैन ने कहा कि नर्सिंग स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है। डॉक्टर उपचार करते हैं लेकिन, नर्सें रोगी के पास रहकर स्वास्थ्य, सुरक्षा और भावनात्मक समर्थन प्रदान करती हैं। नर्सिंग पेशा एक ऐसा कर्तव्य है, जहां आपके प्रत्येक निर्णय में किसी रोगी का जीवन छिपा हो सकता है। प्रो. सुभाषिनी ने कहा, नर्सिंग प्रतिज्ञा केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि यह आपके चरित्र, कर्तव्य और पेशेवर पहचान का आधार है। विशिष्ट अतिथि प्रो. हरिंदर गोयल ने कहा कि नर्सिंग शिक्षा जीवन को अनुशासन, जिम्मेदारी और मानवता की ओर अग्रसर करती है। एक नर्स केवल दवाइयां नहीं देती, बल्कि रोगी के मनोबल को भी उठाती है। आपका व्यवहार, आपकी वाणी और आपका आत्मविश्वास रोगी के उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने नर्सिंग स्टूडेंट्स को आधुनिक चिकित्सा, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और नवीन तकनीकों के साथ खुद को अद्यतन रखने की सलाह दी। निदेशक गवर्नेंस डॉ. नीलिमा जैन ने कहा कि नर्सिंग सेवा का मूल तत्व ‘एन्पैथी’ है। एक नर्स रोगी की पीड़ा को केवल देखती नहीं, बल्कि उसे महसूस करती है।

टीपीसीओएन की प्राचार्या प्रो.श्योली सेन ने कहा कि नर्सिंग पेशे में तकनीक और ज्ञान के साथ-साथ मानवीय संवेदनाएं, करुणा और समर्पण भी जरूरी है। लैंप लाइटिंग केवल एक समारोह नहीं, बल्कि एक पवित्र यात्रा की शुरुआत है। लैंप लाइटिंग एवं् ऑथ सेरेमनी में फैकल्टीज़ सिद्धेश्वर अंगाड़ी, प्रियंका मसीह, मुकुल कुमार, सुरेंद्रसिंह गुर्जर, अंकिता चौहान, ऑस्कर ओबेडिया, प्रथम सक्सेना, विनयलाल के साथ बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राएं शामिल रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page