सर्व ऋतु विलास उदयपुर में आयोजित धर्म सभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने कहा कि कई जन्मों के असीम पुण्य से मानव जन्म मिलता है, पुण्य से लाभ होता है, पाप से हानि होती है। जैन धर्म में जन्म लेना बहुत ही संचित पुण्य से अवसर मिलता है। आचार्य श्री संघ की विशाल शोभायात्रा प्रातः 7:00 सुखाड़िया समाधि दुर्गा नर्सरी से 1008 श्री आदिनाथ जिनालय केशव नगर जाएगी। पढ़िए ये विस्तृत रिपोर्ट…
उदयपुर। बच्चों को संस्कार जैन पाठशाला से मिलते हैं। इसलिए आप स्वयं भी संस्कारित हो, बच्चों को भी संस्कारित करें। तभी मानव जीवन सार्थक होगा। पाठशाला के बालकों द्वारा अभी देव पूजा, गुरु पूजा की गई है, जिसमें आप सभी शामिल हुए। देव पूजा और गुरु पूजा से धार्मिक संस्कारों का महत्व प्रतिपादित होता है। यह प्रेरक उद्बोधन सर्व ऋतु विलास, उदयपुर में आयोजित धर्म सभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रकट किया।
पुण्य से लाभ, पाप से हानि
आचार्य श्री ने कहा कि कई जन्मों के असीम पुण्य से मानव जन्म मिलता है, पुण्य से लाभ होता है, पाप से हानि होती है। जैन धर्म में जन्म लेना बहुत ही संचित पुण्य से अवसर मिलता है। आप धार्मिक शिक्षा संस्कारों से जीवन को सार्थक करें। आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व संघस्थ शिष्या आर्यिका श्री महायशमति ने भी प्रवचन बच्चों के धार्मिक संस्कार पर दिए। बाल ब्रह्मचारी गजू भैया, राजेश पंचोलिया, देवेंद्र बोहरा अनुसार पंचम पट्टाधीश आचार्य शिरोमणि वात्सल्य वारिघि 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का संघ सहित सर्व ऋतु विलास से सोमवार केशव नगर के लिए विहार होगा।

निकलेगी शोभायात्रा
आचार्य श्री संघ की विशाल शोभायात्रा प्रातः 7:00 सुखाड़िया समाधि दुर्गा नर्सरी से 1008 श्री आदिनाथ जिनालय केशव नगर जाएगी। आचार्य श्री के मंगल उद्बोधन श्री चारित्र चक्रवर्ती आचार्य शांति सागर सभागार में केशव नगर में होंगे। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन दशा नरसिंहपुरा चैरिटेबल ट्रस्ट केशव नगर के अध्यक्ष धनपाल जेतावत, जीवंधरलाल जेतावत महामंत्री तथा सकल दिगंबर जैन समाज आयड चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष खूबीलाल चित्तौड़ा तथा कुंथु कुमार गणपतोत महामंत्री ने समाज से शोभायात्रा और धर्म सभा में शामिल होने का अनुरोध किया है।
समाज में विशेष उत्साह
वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघस्थ शिष्य मुनि श्री प्रशम सागर जी एवं शिष्या आर्यिका श्री मुदित मति माताजी दीक्षा के पूर्व केशव नगर में निवास करते थे। इस कारण सकल दिगंबर जैन समाज केशव नगर, प्रेम नगर, गणेश नगर पहाड़ा, शांति नगर, आशीर्वाद नगर, न्यू केशव नगर, आयड तथा उदयपुर समाज में विशेष उत्साह है। आचार्य संघ की भव्य अगवानी हेतु समाज द्वारा मकानों के सामने रांगोली एवं स्वागत द्वार बनाए गए हैं। जैन धर्म की पताका सभी घरों पर लगाई गई है।
आचार्य श्री से ली दीक्षा
डॉ. पी. के. जैन, प्रोफेसर देवेंद्र बोहरा- सीमा जैन अनुसार मैनाबाई छगन लाल बोहरा के पुत्र चांदमल बोहरा का जन्म 6 दिसंबर 1937 को भिंडर में हुआ। कई वर्षों से आप हीरा बाग केशव नगर में निवास कर रहे हैं। आप 6 अक्टूबर 2011 को श्री सम्मेद शिखर सिद्ध क्षेत्र में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से सीधे मुनि दीक्षा प्राप्त कर मुनि श्री प्रशम सागर जी बने। दीक्षा के बाद आपका प्रथम बार केशव नगर आगमन हो रहा है। सज्जन देवी, पुत्री रतन लाल और सागर देवी का जन्म पारसोला में हुआ था। आप विवाह के बाद से प्रेम नगर में निवासरत रहीं। आपने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से 20 फरवरी 2015 को निमाज में सीधे आर्यिका दीक्षा ली। आर्यिका श्री मुदित मति के रूप में दीक्षा के बाद आपका भी प्रेम नगर, उदयपुर में प्रथम बार प्रवेश हो रहा है।













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