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धर्म साधना जीवन को पवित्र और संतुलित बनाती है : महावीर नगर विस्तार योजना जैन मंदिर में आर्यिका विभाश्री माता जी के प्रवचन हुए 


महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को गणिनी आर्यिका श्री विभाश्री माताजी के सान्निध्य में आध्यात्मिक कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, शास्त्र भेंट और पाद-प्रक्षालन से हुआ। कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर…


कोटा। महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को गणिनी आर्यिका श्री विभाश्री माताजी के सान्निध्य में आध्यात्मिक कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, शास्त्र भेंट और पाद प्रक्षालन से हुआ। जिसका सौभाग्य अशोककुमार को प्राप्त हुआ तथा समिति एवं समाज ने उनके इस पुण्य उपक्रम की अनुमोदना की। प्रवचन में माताजी ने कर्म सिद्धांत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कर्म सिद्धांत मनुष्य के जीवन की दिशा निर्धारित करने वाला गहन आध्यात्मिक विज्ञान है। कर्म आत्मा की गति को नियंत्रित करते हैं और जब तक मनुष्य कर्मों के स्वरूप एवं परिणाम को नहीं समझता, तब तक वह भ्रम, मोह और चिंता में उलझा रहता है। माताजी ने कहा कि ज्ञान, संयम, तप और सत्संग से जीवन का प्रकाश बढ़ता है, इसलिए धर्म-साधना जीवन को पवित्र और संतुलित बनाती है।

मंदिर समिति के अध्यक्ष पवन टोला ने बताया कि माताजी के प्रवचन महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ किए जा रहे हैं। जिनमें समाजजन बड़ी संख्या में आध्यात्मिक लाभ ले रहे हैं। कार्यक्रम में विनोद टोरड़ी, मनोज जयसवाल, नरेंद्र बोरखंडिया, मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश जैन सहित समाजबंधु उपस्थित रहे।

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