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घर -घर हो रत्नत्रय महोत्सव ज्ञानमती माताजी का जन्मोत्सव: पूरे देश में होगी विनयांजलि सभाएं 


अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.जीवन प्रकाश जैन जी ने कहा कि घर-घर रत्नत्रय महोत्सव हो ज्ञानमती मां का जन्मोत्सव मनाया जाए। गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के 92वें जन्मदिवस एवं 74वें संयम दिवस शरद पूर्णिमा के अवसर पर शाश्वत तीर्थ अयोध्या में 108 दिवसीय रत्नत्रय महोत्सव का शुभारंभ श्रावण कृष्णा एकम 12 जुलाई से प्रारंभ हो चुका है। अयोध्या से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर…


अयोध्या। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.जीवन प्रकाश जैन जी ने कहा कि घर-घर रत्नत्रय महोत्सव हो ज्ञानमती मां का जन्मोत्सव मनाया जाए। गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के 92वें जन्मदिवस एवं 74वें संयम दिवस शरद पूर्णिमा के अवसर पर शाश्वत तीर्थ अयोध्या में 108 दिवसीय रत्नत्रय महोत्सव का शुभारंभ श्रावण कृष्णा एकम 12 जुलाई से प्रारंभ हो चुका है। जिसके अंतर्गत प्रज्ञाश्रमणी आर्यिकारत्न श्री चन्दनामती माताजी के मुखारविंद से आप तीर्थंकर देशना सत्र के अंतर्गत गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की लेखनी से प्रसूत कल्याण कल्पतरु स्तोत्र जैसी विलक्षण रचना का अध्ययन कर रहे हैं।

विशेष आकर्षण माताजी के प्रति विशेष विनयांजलि स्वरूप आपको भी अपने घर को गुरु मां की फोटो, उपलब्ध साहित्य आदि सजावट की सामग्री सहित सुसज्जित करके भगवान ऋषभदेव जूम चैनल से जुड़कर अपनी भक्ति समर्पित करना है। आपके घर में मनाए जा रहे रत्नत्रय महोत्सव को पारस चैनल के माध्यम से पूरा देश देख सकेगा। रत्नत्रय महोत्सव लिखकर सजावट के स्थान पर लगाएं एवं पूज्य माताजी के चरणों में समर्पित करने के लिए दीपक,फल आदि सहित अर्घ्य का थाल रखें। सुंदर रंगोली आदि बनाकर अपनी हस्तकला को भी प्रस्तुत कर सकते हैं। अपनी इच्छानुसार यथोचित सजावट करें। जो लोग भी अपने घरों में इस रत्नत्रय महोत्सव को मानना चाहते हैं, वे अपने नाम और तारीख के साथ अपनी अग्रिम सूचना हमें वॉट्सएप के माध्यम से दें।

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