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भाईदूज पर रथोत्सव मेला एवं अजितनाथ महामंडल विधान किया : समाजजनों ने श्रद्धा के साथ महावीर भगवान को निर्वाण लाडू चढ़ाया 


गोवाडी में भाईदूज पर रथोत्सव मेला एवं अजितनाथ महामंडल विधान श्रद्धा और उमंग के साथ आयोजित कर महावीर भगवान को निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सकल दिगंबर जैन समाज सागवाडा के संयोजन में गुरुवार को प्रातः श्री अजितनाथ महामंडल विधान प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया विरल के सान्निध्य में हुआ। सागवाड़ा से पढ़िए, यह खबर…


सागवाड़ा। गोवाडी में भाईदूज पर रथोत्सव मेला एवं अजितनाथ महामंडल विधान श्रद्धा और उमंग के साथ आयोजित कर महावीर भगवान को निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। गोवाडी के श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सकल दिगंबर जैन समाज सागवाडा के संयोजन में भाईदूज के अवसर पर गुरुवार को प्रातः श्री अजितनाथ महामंडल विधान प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया विरल के तत्वावधान में आर्यिका विजयमती वूमन्स फेडरेशन ग्रुप की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेरणा-नरेन्द्र शाह, सूची- प्राशु शाह परिवार की ओर से आयोजित किया गया। मंदिर व्यवस्था समिति के अध्यक्ष गजेंद्रकुमार गोवाडिया ने बताया कि इस अवसर पर गुरुवार को प्रातः मूलनायक अजितनाथ भगवान तथा गर्भ गृह के बायी ओर बाहर वेदी पर विराजित शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा का विविध द्रव्य पूरित कलशों से महाभिषेक किया गया।

साथ ही विश्व शांति कामनार्थ प्रतिमा पर प्रेरणा शाह, प्राशु, सूचि शाह, पालिकाध्यक्ष आशीष गांधी ने शांतिधारा की। सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा, मंडप प्रतिष्ठा, दीप प्रज्वलन, पंच मंगल कलश स्थापना के बाद नवदेवता और मूलनायक अजितनाथ भगवान की अष्ट द्रव्य पूजा की गई। इसके बाद यजमान शाह परिवार तथा इंद्र-इंद्राणियों के समूह ने प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया के मंत्रोच्चारण के साथ अजितनाथ विधान विधान मंडप पर अष्ट द्रव्य श्रीफल युक्त 121 अर्घ्य समर्पित किए। साथ ही 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं द्वारा निर्वाण मोक्ष का प्रतीक निर्वाण लाडू डॉ. दिव्या, डॉ. हर्ष जैन निवासी डूंगरपुर ने निर्वाण कांड स्तोत्र के वाचन के साथ विधान मंडप पर चढाया।

शांतिपाठ और विसर्जन विधि के बाद 23 वें तीर्थंकर पारसनाथ भगवान की प्रतिमा को प्राचीन काष्ट निर्मित रथ में विराजित कर रथयात्रा पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढोल नगाड़ों के साथ निकाली गई। रथयात्रा में श्रद्धालुओं ने गैर नृत्य खेला। रथ यात्रा के तालाब पहुंचने पर जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की गई। रात्रि में मंदिर में 108 दीपकों से अजीतनाथ भगवान की आरती उतारी। इसके साथ ही विधान महोत्सव संपन्न हुआ। इस अवसर सागवाड़ा पुनर्वास कॉलोनी समेत अनेक जगह के श्रद्धालु उपस्थित थे।

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