नौगामा नगर में भगवान आदिनाथ और भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमाओं के साथ रथोत्सव बड़े धूमधाम और धार्मिक भावनाओं के साथ मनाया गया। शोभायात्रा, पूजन, गरबा नृत्य और सम्मान समारोह ने आयोजन को भव्य बना दिया। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…
नौगामा, जिला बांसवाड़ा। नौगामा नगर में आज रथोत्सव बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। प्रातः श्री 1008 आदिनाथ मंदिर, महावीर समवशरण और सुखखोदय तीर्थ नसिया जी में विशेष शांतिधारा अभिषेक के बाद भगवान आदिनाथ और भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमाओं को गढ़गोटी रथ में विराजमान कर बैंड-बाजों के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई।
यह शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई पंडाल तक पहुंची। वहां भगवान आदिनाथ और पार्श्वनाथ का पूजन ब्रह्मचारी संदीप भैया और सांगानेर संस्थान से पधारे अनुभव शास्त्री के सान्निध्य में वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनियों के बीच संपन्न हुआ।
केसरिया वस्त्र धारण कर गरबा नृत्य
इस अवसर पर जैन पाठशालाओं की अध्यापिकाओं तथा इस वर्ष 5, 10 और 16 उपवास करने वाले धर्मप्रेमियों को दुपट्टा और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। दोपहर 1 बजे काष्ठ निर्मित गढ़गोटी रथ पर धर्म ध्वजा सजाकर पुनः शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें पुरुषों ने सफेद और महिलाओं ने केसरिया वस्त्र धारण कर गरबा नृत्य प्रस्तुत किया।
शोभायात्रा समवशरण मंदिर परिसर पहुंची, जहां अष्टद्रव्य से पूजन अर्पित किया गया। इसके बाद शोभायात्रा तालाब बस स्टैंड पहुंची, जहां पूजन भैया जी का सम्मान समारोह और फूलमाला की बोली हुई। पहली बोली का सौभाग्य प्रसुख खुशपाल मगनलाल गांधी और उत्सव हीरालाल परिवार को प्राप्त हुआ। शोभायात्रा नगर की गलियों से होती हुई भगवान के जयकारों के साथ आदिनाथ मंदिर लौटी, जहां रथ भंडार किया गया। इसके उपरांत वात्सल्य भोजन आयोजित हुआ। नवयुवक मंडल और बालिका मंडल द्वारा समवशरण मंदिर दर्शन के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ।













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