नगर में मंगलवार को आर्यिका श्री विकुंद माताजी और आर्यिका विदुषि माताजी सहित संघ का मंगल प्रवेश हुआ। नगरवासियों और जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं ने उनका भव्य स्वागत अगवानी की। गंधवानी धार से पढ़िए, साभार संकलित यह खबर…
गंधवानी धार। नगर में मंगलवार को आर्यिका श्री विकुंद माताजी और आर्यिका विदुषि माताजी सहित संघ का मंगल प्रवेश हुआ। नगरवासियों और जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं ने उनका भव्य स्वागत अगवानी की। जैन समाज के अध्यक्ष महेंद्र पाटोदी ने बताया कि माताजी और संत तो बहते दरिया की तरह हैं। एक जगह कहीं भी नहीं रुकते। केवल चातुर्मास पर ही विहार कर जैन धर्म के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार करते हैं। स्वागत अगवानी के अवसर पर पंचरंगी ध्वजा लहराई गई। माताजी के जय जयकारों से आसमान गूंज उठा। नगर प्रवेश पर उनकी शोभायात्रा निकाली गई। जैन समाज के अनेक प्रतिष्ठानों और घरों के आगे रांगोली से सजाया गया था।
समाजजनों ने माताजी संघ का पाद प्रक्षालन कर आरती की और उनका मंगल आशीर्वाद लिया। सभी माताजी ने मंदिर पहुंचकर श्री जी के दर्शन किए। यहां पर उनका उद्बोधन हुआ। प्रबोधन के बाद माताजी की आहार चर्या हुई। इस अवसर पर नगरवासियों के साथ-साथ दिगंबर जैन समाज के श्रावक-श्राविकाएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे।













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