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कठिन त्याग और तपस्या करने वाले पूर्वाचार्य श्री पूज्य दर्शन सागर महाराज जी का सुसनेर में समाधिमरण शुरू : नवग्रह अतिशय क्षेत्र इंदौर में की गई थी सेवा-सुश्रुषा


कई वर्षों से पूर्वाचार्य श्री पूज्य दर्शन सागर महाराज जी अस्वस्थ थे जिनकी सेवा सुसनेर समाज काफी समय से कर रहा था। पिछले दो महीने से समाज के गौरव नरेंद्र वेद परिवार उन्हें नवग्रह अतिशय क्षेत्र पर सेवा और इलाज के लिए लेकर आए। जहां पर पूरे वेद परिवार ने तन, मन, धन से उनकी सेवा की। पूज्य गुरुदेव श्री पूज्यसागर जी महाराज श्री के कहने पर उन्हें सुसनेर ले जाकर समाधिमरण शुरू किया गया। 


इंदौर। कई वर्षों से पूर्वाचार्य श्री पूज्य दर्शन सागर महाराज जी अस्वस्थ थे जिनकी सेवा सुसनेर समाज काफी समय से कर रहा था। पिछले दो महीने से समाज के गौरव नरेंद्र वेद परिवार उन्हें नवग्रह अतिशय क्षेत्र पर सेवा और इलाज के लिए लेकर आए। जहां पर पूरे वेद परिवार ने तन, मन, धन से उनकी सेवा की। इस दौरान नरेन्द्र वेद परिवार ने अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज से आग्रह किया और उन्हें भी नवग्रह क्षेत्र पर लेकर आए। जहां एक महीने से मुनि श्री पूज्य सागर महाराज जी उनकी सेवा और संबोधन कर रहे थे। उन्होंने बच्चों की तरह भोजन भी करवाया, समाधिमरण के लिए संबोधन भी किया। पिछले 5-6 दिन दर्शन सागर जी कुछ खाने को तैयार नहीं थे।

तब श्री अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज और नरेंद्र वेद, राजमल जी सुसनेर, प्रेमचंद्र जी सुसनेर से चर्चा की कि अब समय कम रहा है इसलिए इन्हें सुसनेर ले जाना चाहिए जहां उनका समाधिमरण हो सके। तब मुनि श्री पूज्य सागर महाराज ने कहा कि इन्हें सुसनेर ले जाकर भगवान के सामने कपड़े खोल कर पिच्छी कमंडल दे दिया जाए क्योंकि दर्शन सागर महाराज जी पुराने आचार्य हैं और उनका समाधिमरण मुनि बनकर होना चाहिए। इसी भावना के साथ उन्हें 28 तारीख को सुसनेर ले जाया गया और वहां पर समाज की उपस्थिति में भगवान के समझ दीक्षा लेकर दर्शन महाराज जी वापस मुनि बन गए।

पूज्य गुरुदेव श्री पूज्यसागर जी महाराज ने किया था संबोधित

पूज्य श्री दर्शन सागरजी महाराजजी गत दो माह से नवग्रह जिनालय इन्दौर में विराजमान थे। पूज्य गुरुदेव श्री पूज्यसागर जी महाराज श्री द्वारा लगातार दो माह से दर्शनसागरजी गुरुदेव को संबोधित किया जा रहा था। पूज्य गुरुदेव श्री पूज्यसागर जी महाराज द्वारा ही दर्शनसागरजी महाराज को सुसनेर ले जाकर दीक्षा देकर उत्कृष्ट समाधि देने के निर्देश सुसनेर समाज को दिए गये। आज उनकी पावन प्रेरणा से ही दर्शनसागर जी को दीक्षित करते हुए समाधि की ओर अग्रसर हैं। पूज्य सागरजी महाराजश्री का इंदौर जैसवाल समाज सुसनेर संपूर्ण समाज आभारी है।

पी.सी.जैन इंदौर ( नरेंद्र वेद के व्हाट्सएप पर )

 महाराज जी का समाधिमरण का क्रम शुरू हुआ

मुनि श्री अंतर्मुखी पूज्य सागर महाराज जी ने समाज को दो दिन पहले ही कहा था कि मुनि बनाकर ही समाधिमरण करवाना है। आज से समाधिमरण का क्रम शुरू हो गया है। पंडित नितिन झांझरी सहित राजमल जी जैन, प्रेमचंद्र जी जैन पूरी सेवा में सेवारत हैं और कई मुनि, आचार्य भी फोन पर संबोधित कर रहे हैं।

(राजमल,प्रेमचंद्र जी सुसनेर बताया)

उल्लेखनीय है कि श्री दर्शन सागरजी महाराजश्री के अधिक बीमार होने के कारण श्री नरेंद्र जी वेद स्वयं सुसनेर जाकर इंदौर ले आए थे। संपूर्ण वेद परिवार द्वारा महाराजश्री की अथक परिश्रम से सेवा की गई। साथ ही नवग्रह जिनालय का समस्त स्टाफ परिवार भी उनकी सेवा में जी जान से लगा रहा। श्री नरेंद्र वेद जी द्वारा जैन समाज के लिए अनुकरणीय कार्य किया गया है। बहुत-बहुत अनुमोदना।

शेष दूसरे भाग में

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