पूज्य गणेश प्रसाद जी वर्णी की 152वीं जन्म जयंती पर सागर से नैनागिर तक वर्णी प्रभावना यात्रा निकाली गई, जिसमें 200 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर छात्रवृत्ति योजना प्रारंभ कर 50 विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई। पढ़िए मनीष विद्यार्थी की रिपोर्ट…
सागर / नैनागिर / हंसेरा। पूज्य गणेश प्रसाद जी वर्णी की 152वीं जन्म जयंती अवसर पर वर्णी विकास सभा सागर के तत्वावधान में विशाल प्रभावना यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा की शुरुआत श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र काकागंज सागर से हुई और समापन श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र नैनागिर में सामूहिक आरती, विचार गोष्ठी और सम्मान समारोह के साथ हुआ।
यात्रा मार्ग में पिडरउवा, मदनपुर, जन्मभूमि हंसेरा, मड़ावरा, गिरारगिरी, जसोंडा, शाहगढ़, बक्सवाहा जैसे स्थलों पर विशेष कार्यक्रम हुए। हंसेरा में वर्णी जी की आरती पूजन, मंगलाचरण विद्यालय की बच्चियों द्वारा प्रस्तुति और मड़ावरा विद्यालय के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम ने वातावरण को धर्ममय बना दिया। ग्राम के बच्चों को स्कूली सामग्री, छाते और मिष्ठान भी वितरित किए गए।
50 छात्रों को छात्रवृत्ति देने की घोषणा की
इस यात्रा के दौरान ऑनलाइन आवेदन के आधार पर 50 छात्रों को छात्रवृत्ति देने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में मुनि श्री सुष्रुत सागर जी और श्रुतेश सागर जी महाराज के दर्शन का लाभ भी सभी को मिला। उन्होंने वर्णी संस्थान की स्थापना और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
आयोजन में चंद्रेश शास्त्री, कैलाश जैन, संतोष जैन पटना परिवार, पं. जीवंधर शास्त्री जबलपुर, मनीष विद्यार्थी, राजकुमार जैन कर्द सहित अनेक समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा। अरविंद जैन और कडोरी लाल जैन के संयोजन में वण्डा व हंसेरा में विशेष जयंती कार्यक्रम आयोजित हुए। इस भव्य प्रभावना यात्रा और छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से समाज ने पूज्य वर्णी जी के शिक्षा और सेवा के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।













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