जैन समुदाय के प्रत्येक जिले के समाजश्रेष्ठियों, युवा संगठनों और संघों से अनुरोध किया कि वे अपने जिले के विभिन्न उपखंडों, तहसीलों, शहरों, कस्बों एवं गांवों में होने वाले श्रमणों के चातुर्मास की सूचना कलेक्टर तथा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को अवश्य प्रदान करें। जयपुर से पढ़िए, जिनेंद्र जैन की यह खबर…
जयपुर। अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय में चातुर्मास का बड़ा ही महत्व है। चातुर्मास में चार महीने चार आराधना का अनुपम अवसर हमें प्रकृति स्वयं प्रदान करती है। इसके चार मुख्य आयाम सम्यक् दर्शन, ज्ञान,चारित्र और तप हैं। इन चार आराधनाओं के लिए ये चार माह सर्वाधिक अनुकूल रहते हैं। आत्मकल्याण के सच्चे पथिक इन चार माह को महान अवसर जानकर मन-वचन और काय से इसकी आराधना में समर्पित हो जाते हैं। आत्मा की आराधना की मुख्यता वाले अधिकांश आध्यात्मिक पर्व इन चार महीनों में होने के कारण राजस्थान सरकार ने जैन समुदाय के प्रति उदार दृष्टिकोण अपनाते हुए अपने संकल्प पत्र में अल्पसंख्यक कल्याण के वर्णितानुसार श्रमणों (साधु-साध्वियों) के लिए चातुर्मास के समय ठहरने एवं प्रवचन करने और आहार वाले स्थान की सुरक्षा और विहार, उनके स्वास्थ्य की रक्षा एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करने के लिए समुचित प्रावधान किए है। जिससे श्रमणों के चातुर्मास का लाभ सभी आमजन को मिल सके। श्रमणों का सानिध्य प्राप्त होना राजस्थान में रहने वाले आमजन के प्रबल पुण्योदय का प्रतीक है। वे भी उनका आशीर्वाद उनके प्रवचनों के माध्यम से लेते हैं। इस अवसर पर राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के संरक्षक अशोक बांठिया ने बताया कि जैन समुदाय के प्रत्येक जिले के समाजश्रेष्ठियों, युवा संगठनों और संघों से अनुरोध किया कि वे अपने जिले के विभिन्न उपखंडों, तहसीलों, शहरों, कस्बों एवं गांवों में होने वाले श्रमणों के चातुर्मास की सूचना कलेक्टर तथा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को अवश्य प्रदान करें। जिससे चातुर्मास में आने वाली परेशानियों का समाधान जिला प्रशासन कर सके।
जानकारी का यह है प्रारूप
1. श्रमणों की संख्या
2. श्रमणों (साधु-साध्वियों) के नाम एवं दीक्षा प्रदान करने वाले श्रमण का नाम
3. चातुर्मास स्थल का सम्पूर्ण पता गूगल लोकेशन के साथ
4. चातुर्मास करवा रहे संघ के अध्यक्ष एवं मंत्री तथा सचिव के पते,सम्पर्क सूत्र और मेल आई डी
5. अन्य कोई आवश्यक जानकारी
इस अवसर पर युवा परिषद् के अध्यक्ष जिनेंद्र जैन ने बताया कि श्रमणों के चातुर्मास की सूचना जिला प्रशासन के मुखिया को देने में समाजश्रेष्ठियों, युवा संगठनांे, संघों, मंदिरों और सहधर्मी भाई किसी भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो वह सूचना दे सकते हैं। वही हमारी श्रीफल जैन न्यूज़ की संपादक रेखा जैन ने भी सबसे आग्रह किया है की किन संतों का चातुर्मास कहां कहां हो रहा है उससे संबंधित कोई भी जानकारी आप हमें मेल आईडी shreephaljainnews@gmail.com पर और फोन नंबर 98277 94634 पर दे सकते हैं।














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