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चार दशक की सेवा के बाद प्रो. जैन हुए सेवानिवृत्त: प्राध्यापक संघ ने दी आत्मीय विदाई


महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर में वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.सुमतिप्रकाश जैन का सेवानिवृत्त समारोह प्राध्यापक संघ ने बड़ी आत्मीय एवं गरिमामय रूप से मनाया। इस आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के अनेक प्राध्यापक, कुलसचिव यशवंतसिंह पटेल, परिजन, चाहने वाले अनेक प्रबुद्धजन एवं यूनिवर्सिटी प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे। छतरपुर से पढ़िए, राजेश रत्नेश जैन रागी की यह खबर…


छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर में वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.सुमतिप्रकाश जैन का सेवानिवृत्त समारोह प्राध्यापक संघ ने बड़ी आत्मीय एवं गरिमामय रूप से मनाया। इस आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के अनेक प्राध्यापक, कुलसचिव यशवंतसिंह पटेल, परिजन, चाहने वाले अनेक प्रबुद्धजन एवं यूनिवर्सिटी प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्राध्यापक संघ ने सेवानिवृत्त हो रहे डॉ. एसपी जैन का शॉल-श्रीफल से आत्मीय सम्मान किया। शोधार्थी और नवचयनित सहायक प्राध्यापक सुरुचि असाटी ने पीपीटी के माध्यम से डॉ. सुमति प्रकाश जैन के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। आपकी बड़ी बहिन डॉ. वंदना जैन ने उज्जैन से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से शुभाशीष संदेश भेजा और उनके छोटे भाई टीके विद्यार्थी डीआईजी, भोपाल ने भी कृतज्ञतापूर्ण वीडियो संदेश भेजा। जिसे इंट्रेक्टिव पैनल पर सभी ने देखा और सुना।

इस अवसर पर उनकी जीवन संगिनी डॉ. अर्चना जैन ने बच्चों के भेजे पत्र का वाचन करते हुए प्रो. जैन के उल्लेखनीय कार्यों को बताया। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. बहादुरसिंह परमार ने कहा कि प्रो. जैन शब्दों के जादूगर हैं। हम सन् 1979 से जुड़े हैं। जीवन में कितने भी बड़े प्रक्ररण आए, वे कभी पीछे नहीं हटे। बड़े निर्पेक्ष भाव से काम किया। हमने बहुत सारे साथियों में देखा कि कथनी और करनी में अंतर रहा पर डॉ जैन की कथनी और करनी हमेशा एक रही। उनके ऊपर पिता नरेंद्र विद्यार्थी (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा पूर्व विधायक), माता डॉ. रमा का और गांधीवाद का प्रभाव रहा। ऐसे साथी हमेशा याद रहेंगे।

गणित के विभागाध्यक्ष डॉ. एके सक्सेना तथा वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. बीके अग्रवाल ने कहा कि प्रो जैन साहब अनुशासन प्रिय, स्पष्टवादी और कुशल मंच संचालक हैं। आप हिंदी भाषा के कुशल पारखी रहे हैं। इस अवसर पर कुलसचिव यशवंतसिंह पटेल ने कहा कि डॉ. जैन साहब हमेशा मददगार रहे हैं। उनका सहज, सरल, हंसमुख और सहयोगात्मक व्यक्तित्व हमेशा याद रहेगा। मीडिया प्रभारी के रूप में डॉ. जैन ने यूनिवर्सिटी के लिए समर्पित भाव से कार्य किया।

अपने सम्मान के प्रति उत्तर में डॉ. एसपी जैन ने अपनी अध्यापन यात्रा पर केंद्रित भावपूर्ण कविता सुनाई और कहा कि मुझे महाविद्यालय और विश्वविद्यालय परिवार से बहुत आदर और सम्मान प्राप्त हुआ। शोधार्थियों एवं विद्यार्थी की उन्नति ने लगातार आनंदित किया। विश्वविद्यालय ने शोध के क्षेत्र में तीव्र गति से काम किया। इस वर्ष विभिन्न विभागों के अनेक शोधार्थियों को पी-एचडी अवॉर्ड हो सकती है,ऐसे शोधार्थियों को दीक्षांत समारोह में उपाधियों से विभूषित करने का प्रयास विश्वविद्यालय का है। किसी भी संस्था की छवि बनाने में मीडिया की बड़ी भूमिका होती है। हम सभी एक परिवार की तरह रहे। सभी वक्ताओं ने डॉ एसपी जैन के कार्यों को सराहा।आपने छात्रों में अनुशासन तथा अपने संस्थान के प्रति निष्ठा, समर्पण और ऊर्जा का परिचय दिया है, वह वास्तव में प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय है।

कार्यक्रम में परीक्षा नियंत्रक डॉ.एनपी प्रजापति एवं डीएसडब्ल्यू डॉ.आरएस सिसोदिया ने अपने संबोधन में डा.जैन के बहुमुखी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए एक समर्पित प्राध्यापक एवं यूनिवर्सिटी के मीडिया प्रभारी के रूप दिए गए अविस्मरणीय योगदान को रेखांकित किया। इस अवसर पर जैन के परिजनों में जिला रोजगार अधिकारी एसके जैन तथा डॉ. प्रतिमा जैन ने अपने विचार व्यक्त किए। अंत में डॉ हिमांशु अग्रवाल ने ‘तुम मुझे यूं भुला न पाओगे’ गीत के साथ सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन श्री एन के पटेल ने किया।

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