आदि ब्रह्मा आदिनाथ फाउंडेशन भींडर (रजि.) द्वारा प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म तप कल्याणक समारोह पूर्वक मनाया गया। रिद्धि मंत्रों के साथ भक्तामर स्तोत्र का पाठ किया गया। निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता हुई। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पढ़िए भींडर से यह खबर…
भींडर। आचार्य श्री सुनील सागरजी महाराज की मंगल प्रेरणा आशीर्वाद से आदि ब्रह्मा आदिनाथ फाउंडेशन भींडर (रजि.) द्वारा प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म तप कल्याणक समारोह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित अमरचंद जैन ने की। मुख्य अतिथि हिम्मतलाल नंदावत, विशिष्ट अतिथि तेजप्रकाश सामोता, सुनील कुमार वक्तावत, लोकेश कोठारी, महेंद्र स्वर्णकार, जितेंद्र चौधरी, ईश्वरलाल प्रजापत मौजूद थे। समारोह के प्रारंभ में रिद्धि मंत्रों के साथ भक्तामर स्तोत्र का पाठ करते हुए 48 दीपक प्रज्वलित किए गए।
सभी विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार
इस अवसर पर भींडर नगर के सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 22 प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। निबंध प्रतियोगिता कनिष्ठ वरिष्ठ वर्ग में तीशा जैन, सांची जैन ने प्रथम और भव्या कोठारी, दिशा जैन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता कनिष्ठ वरिष्ठ वर्ग में आलिया फातिमा, मिष्ठी कुदाल ने प्रथम और काव्य चौबीसा, हीर चौबीसा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों के साथ भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को भी सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए।
बच्चों को अल्पाहार वितरण किया
संस्था निदेशक अनिल स्वर्णकार ने कहा कि भगवान आदिनाथ जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर हैं। जैन धर्म के साथ सनातन धर्म के भागवत, ऋग्वेद ,वैदिक धर्म ग्रंथों में भी भगवान ऋषभदेव आदिनाथ का उल्लेख मिलता है। भगवान आदिनाथ ने असि, मसी, कृषि, विद्या, वाणिज्य शिल्प आदि षट्कर्म का ज्ञान मानव मात्र को दिया। कार्यक्रम समापन पर भगवान आदिनाथ की मंगल आरती कर सभी बच्चों को अल्पाहार वितरण किया गया।













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