देवाधिदेव 1008 श्री ऋषभदेव भगवान की असीम कृपा और भारत गौरव राष्ट्र संत, मनोग्याचार्य, जिनशरणम तीर्थ प्रणेता आचार्य श्री पुलक सागर जी गुरुदेव के मंगल आशीर्वाद से सिद्ध भूमि श्री गिरनार जी (उर्जयंत शिखर) पर तीर्थंकर श्री 1008 नेमीनाथ भगवान की चरण वंदना एवं महाअर्चना विधान का भव्य आयोजन किया जा रहा है। पढ़िए सचिन गंगावत की रिपोर्ट…
ऋषभदेव। देवाधिदेव 1008 श्री ऋषभदेव भगवान की असीम कृपा और भारत गौरव राष्ट्र संत, मनोग्याचार्य, जिनशरणम तीर्थ प्रणेता आचार्य श्री पुलक सागर जी गुरुदेव के मंगल आशीर्वाद से सिद्ध भूमि श्री गिरनार जी (उर्जयंत शिखर) पर तीर्थंकर श्री 1008 नेमीनाथ भगवान की चरण वंदना एवं महाअर्चना विधान का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यात्रा के संयोजक सुमेश मधु वानावत (एस एम टी) ने बताया कि यह आयोजन 23 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में सकल दिगंबर जैन समाज ऋषभदेव के लगभग 1008 सदस्य भाग ले रहे हैं, जिनके लिए फार्म आवंटित किए गए थे।
फार्म जमा होना शुरू हो चुके हैं, और पुलक मंच के सदस्यों द्वारा एक कमिटी बनाई गई है, जिसने फार्म की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। आज तक लगभग 376 फार्म की स्क्रीनिंग हो चुकी है। कमेटी के हेमंत अकोत ने बताया कि जिनके फार्म अधूरे हैं, उन्हें कमेटी द्वारा सूचित कर दिया गया है ताकि वे समय से पूर्व अपने फार्म की पूरी प्रक्रिया कर सकें। श्री अकोत ने कहा कि ऋषभदेव से गिरनार लगभग 530 किलोमीटर दूर है, इसलिए किसी भी आने वाले सदस्य को आवास, बस की सीट और अन्य कोई असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। शेष फार्म की स्क्रीनिंग आज की जाएगी।यात्रा संयोजक वानावत ने कहा कि इतने बड़े आयोजन को लेकर पुलक परिवार ने अलग-अलग समितियां बनाई हैं जो विधिवत अपना कार्य कर रही हैं। सुमेश वानावत ने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती आवास और भोजन की है, जिसके लिए उनके सबसे भरोसेमंद सुषमा रमेश पंचोली को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही, बस में सीट व्यवस्था के लिए 5 सदस्यों की अलग से कमिटी बनाई गई है, जो मुस्तैद है।













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