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जैन रामायण वाचना : दिगम्बर गुरु वित्त रागी नहीं वीतरागी होते हैं- मुनि श्री साक्ष्य सागर महाराज 


श्री पार्श्वनाथ जैन मन्दिर, जैन भवन छीपीटोला, आगरा में विराजमान आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज के शिष्य मुनि श्री 108 योग्य सागर महाराज, मुनि श्री 108 साक्ष्य सागर महाराज, मुनि श्री 108 निवृत सागर महाराज के सानिध्य में आगरा के इतिहास में पहली बार सिद्ध पुरुष श्री राम कथा पदम पुराण जैन रामायण वाचना हुई। पढ़िए राहुल जैन की रिपोर्ट…


आगरा। श्री पार्श्वनाथ जैन मन्दिर, जैन भवन छीपीटोला, आगरा में विराजमान आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज के शिष्य मुनि श्री 108 योग्य सागर महाराज, मुनि श्री 108 साक्ष्य सागर महाराज, मुनि श्री 108 निवृत सागर महाराज के सानिध्य में आगरा के इतिहास में पहली बार सिद्ध पुरुष श्री राम कथा पदम पुराण जैन रामायण वाचना हुई। इसके बाद दीप प्रज्जवलन, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट आदि मंगलाचरण हुआ। इसके बाद मुनि श्री 108 साक्ष्य सागर जी महाराज जी ने अपनी मंगलमय वाणी से जिनवाणी रसपान करूं मैं जिनवर को ध्याऊं! दिगम्बर गुरु “वित्त रागी नहीं वीतरागी होते है न कमेटी का राग न कोई मैनेजमेंट केवल जनवाणी का रसपान कराते है, जिससे हम रागी जीवो का कल्याण हो और उस कल्याण की भावना से ही गुरुओं का प्रवचन होता है। ऐसे गुरुओं को बारंबार नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु, श्रद्धा से ग्रहण किया गया जिनागम का एक शब्द केवल ज्ञान में सहकारी होता है। जगत के समस्त वैभव प्राप्त होते हैं।

इस मौके पर मंदिर कमेटी (कार्यवाहक अध्यक्ष एकांत) अनिल जैन कांटा, प्रवेश जैन (मंत्री), रविंद्र जैन (कोषाध्यक्ष), प्रदीप जैन सी.ए, चक्रेश जैन प्रवीन जैन (नेताजी), दीपक जैन, आशु जैन (बाबा), राहुल जैन वासु, निखिल जैन, प्रभारी राहुल जैन आदि थे। मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि 16 जुलाई को सुबह 8:30 बजे आगरा के इतिहास में पहली बार सिद्ध पुरुष श्री राम कथा पदम पुराण जैन रामायण वाचना का कार्यक्रम जैन भवन, छीपीटोला में होगा।

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