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11वें समाधि दिवस पर ऐलक श्री निःशंक सागर जी का गुणानुवाद : संगीतमय भक्तामर पाठ और संस्मरण पर हुई चर्चा 


आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य ऐलक श्री निःशंक सागर जी महाराज के ग्यारहवें समाधी दिवस पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जबरी बाग नसिया जी में विशेष कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर ऐलक श्री निःशंकसागर जी को विनयांजलि प्रस्तुत की गई। इंदौर से पढ़िए, हरिहरसिंह चौहान की यह खबर…


इंदौर। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य ऐलक श्री निःशंक सागर जी महाराज के ग्यारहवें समाधी दिवस पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जबरी बाग नसिया जी में विशेष कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर ऐलक श्री निःशंकसागर जी को विनयांजलि प्रस्तुत की गई। समाजजनों ने उनके संदेशों और धार्मिक शिक्षाओं को याद किया। प्रवचनों के माध्यम से समाज जागरण और नसिया जी के जीर्णोद्धार से लेकर मंदिर के कायाकल्प तक किए गए उनके कार्यों का भी स्मरण किया गया। समाजजनों ने ऐलक श्री का गुणानुवाद किया। कार्यक्रम में युवा भजन गायक और संगीतकार शुभम जैन पार्टी ने संगीतमय भक्तामर का सिद्ध मंत्रों के साथ पाठ किया।

पाठ के बाद समाजजनों ने ऐलक श्री निःशंक सागर जी के संस्मरणों पर चर्चा करते हुए उनका गुणानुवाद किया और गुरुदेव को नम आंखों से अपनी विनयांजलि भेंट की। इस अवसर पर समाज के प्रकाशचंद शास्त्री, वरिष्ठ एडवोकेट वीरकुमार जैन, सचिन जैन, एडवोकेट राजीव जैन, और निःशंक भक्त मंडल के सभी भक्तों के साथ शहर की विभिन्न कॉलोनियो के सभी वरिष्ठ समाजजनों ने अपनी-अपनी भावांजलि दी। यह जानकारी गोलू जैन ने दी।

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