अंतरराष्ट्रीय पुरातत्व दिवस के अवसर पर इंदौर केंद्रीय संग्रहालय में पुरातत्व की धरोहरों के बीच जैन संस्कृति के संरक्षण पर चर्चा की गई। इस मौके पर तीर्थ संरक्षणी महासभा ने उपसंचालक के सामने पुरातत्व की जैन संपदा के संरक्षण की मांग उठाई और उन्हें शॉल दुप्पटा ओढ़ाकर सम्मानित किया। पढ़िए इंदौर से राजेश जैन दद्दू की यह खबर….
इंदौर.अंतरराष्ट्रीय पुरातत्व दिवस के अवसर पर तीर्थ संरक्षणी महासभा मध्य प्रदेश की ओर से इंदौर स्थित केंद्रीय संग्रहालय में पहुंचकर उप संचालक श्री प्रकाश परांजपे से उनके कार्यालय में भेंट की और संस्था की ओर से सभी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत-सम्मान किया। महासभा के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष टी.के. वेद ने उनसे प्रदेश में जैन संस्कृति की सुरक्षा के बारे में चर्चा की।
इन्होंने कही अपनी बात
इस अवसर पर देवेंद्र सेठी ने अपनी बात कही। कैलाश लुहाडिया ने कहा कि हमारे इंदौर जिले के आसपास धार, मांडव, नालछा, शाजापुर के आसपास जैन धरोहर और जैन संस्कृति बिखरी पड़ी है। हर जगह खुदाई में जैन मूर्तियां पाई जाती हैं। हमारा अनुरोध है जैन संस्कृति को सहेजने में, सुरक्षा में सहयोग करें एवं जहां जिस समाज के हक का हो उसे समाज को प्रदान किया जाए। उप संचालक परांजपे ने इस पर सहमति प्रदान की एवं कहा कि मध्यप्रदेश शासन सदैव सहयोग के लिए तत्पर है।
पुरातत्व की संपदा देख हुए आनंदित
उप संचालक परांजपे ने पूर्ण सहयोग करते हुए कहा कि बहुत जगह हमने जैन मूर्तियां को पूर्ण सुरक्षा के साथ रखा हुआ है एवं इंदौर स्थित संग्रहालय में भी उन्होंने नेमिनाथ भगवान एवं प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान की प्रतिमाओं के दर्शन करवाए, जो उन्होंने संग्रहालय में सुरक्षित रखी हुई है। इसके साथ ही अनेक जैन संस्कृति भी वहां पर पाई गई। जिन्हें समाज शासन ने सुरक्षित रखा हुआ है। इसके लिए शासन का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उप संचालक परांजपे का माला दुपट्टा से स्वागत किया गया।
यह भी रहे मौजूद
इस अवसर पर देवेंद्र अंजू सेठी, राकेश ज्योति पाटनी, नरेश अनिता सेठिया, अमित सीमा जैन आदि सदस्य उपस्थित थे। आभार प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सेठी ने माना। प्रांतीय प्रचार प्रमुख राजेश मुक्ता जैन दद्दु और डॉ जैनेंद्र जैन, कैलाश दमयंती लुहाडिया का विशेष सहयोग रहा।













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