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जैन युवा एकता संघ : धार्मिक स्थल को तोड़ने की धमकी देकर लोगों को भड़काने की ओछी राजनीति स्वीकार नहीं 


कनारी पंचायत में विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष का पुतला जलाने के समाचार पर अखिल भारतीय दिगम्बर जैन युवा एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक जैन बिट्टू ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पढ़िए विशेष रिपोर्ट…


जयपुर। कनारी पंचायत में विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष का पुतला जलाने के समाचार पर संगठन के अध्यक्ष संजय जैन ने कहा है कि पुतला जलाओ या हमें जिंदा जलवा दो लेकिन पूर्व सांसद सालखन मुर्मू द्वारा ओछी राजनीति के लिए पारसनाथ पर्वतराज पर स्थित मंदिरों को तोड़ने की धमकी देकर धार्मिक भावनाएं को भड़काना देश, धर्म और समाज विरोधी है। इसकी निंदा भारत की सभी प्रमुख राजनैतिक पार्टियों के साथ सम्पूर्ण देश कर रहा है।

लोकतंत्र में सरकार से मांग करना सभी का अधिकार है लेकिन किसी धर्म विशेष के पूज्य धार्मिक स्थल को राजनैतिक स्वार्थ पूर्ति के लिए तोड़ने की धमकी देकर वर्षों से प्रेमपूर्वक साथ रहते आये दो समुदायों को आपस में लड़वाना चिंतनीय, अनुचित और लोकतंत्र में दंडनीय है।

धमकी अनुचित

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने भी पूर्व सांसद मुर्मू द्वारा मंदिर तोड़ने की धमकी को अनुचित मानते हुए पुलिस अधीक्षक धनबाद को एफआईआर दर्ज कर आयोग को विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए 15 फरवरी, 2023 को पत्र क्र. J/DL/116/00028/2023 जारी किया है। संजय जैन ने कहा कि संगठन द्वारा पारसनाथ पर्वतराज के पर्यावरण संरक्षण और पवित्रता की मांग की थी, जिसके लिए केंद्र व झारखंड सरकार से मांग की गयी थी, जिसके सभी प्रमाणिक कागजात उपलब्ध है लेकिन पूर्व सांसद मुर्मू द्वारा चुनाव से पूर्व प्रेस वार्ता कर मीडिया का दुरूपयोग कर भ्रामक व गलत प्रचार किया जा रहा है, जिसकी सत्यता जल्द सभी के सामने आएगी क्योंकि झूठ अधिक दिन नहीं टिकता।

रासुका में हो कार्रवाई

वहीं अखिल भारतीय दिगम्बर जैन युवा एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि विश्व जैन संगठन अध्यक्ष का पुतला जलाए जाने का विरोध करते हुए केंद्र सरकार व झारखण्ड सरकार से त्वरित संज्ञान लेकर राजनैतिक स्वार्थ पूर्ति के लिए पूर्व सांसद मुर्मू पर आवश्यक धाराओं में मुकदमे के साथ रासुका कानून के तहत कार्रवाई कर अल्पसंख्यक शांतिप्रिय जैन समाज के न्याय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि धर्म नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, ऐसे राजनेता ही हैं जो समाज में नफरत का जहर घोलने का काम करते हैं और धर्म व समाज की आड़ लेकर बैर करना सिखाते हैं। ऐसे राजनेताओं पर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। इसके साथ ही ऐसे नेताओं के चुनाव लड़ने पर आजीवन रोक भी लगनी चाहिए।

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