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प्रभु के निर्वाण एवं श्रीजी की शोभायात्रा के साथ पंचकल्याणक संपन्न

इंदौर. राजेश जैन दद्दू । महावीर नगर में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के श्रुत संवेगी शिष्य मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में चल रहे 6 दिवसीय श्री नेमिनाथ जिन बिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत सोमवार को मोक्ष कल्याणक मनाया एवं निर्वाण लाडू चडाया गया। निर्वाण लाडू चढाने का सौभाग्य श्री मुकेश पाटोदी परिवार को प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर मुनि श्री आदित्य सागर जी ने देशना देते हुए कहा कि इष्ट का जो उपदेश सुनता और ग्रहण करता है वही इष्ट बनता है और मोक्ष जाता है। जिसे इष्ट का उपदेश सुनना ग्रहण करना हो तो वह स्वाध्याय करें, स्वाध्याय से कषाय मंद होगी और विशुद्धि बढ़ेगी।मुनि श्री ने देश में सास्वत तीर्थ शिखरजी बचाव के संबंध में चल रहे अहिंसक आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार द्वारा तीर्थ को पर्यटन केंद्र बनाए जाने के निर्णय की आलोचना करते हुए कहा कि यह निर्णय शिखरजी तीर्थ की पवित्रता को नष्ट करने का प्रयास है।

आपने कहा कि तीर्थंकर नेमिनाथ की निर्वाण भूमि गिरनार तीर्थ हमारे हाथ से चला गया शिखरजी ना चला जाए इसके लिए समग्र जैन समाज संगठित होकर शिखरजी की रक्षा के लिए यह संकल्प ले कि हम न किसी के प्राण लेंगे न प्राण देंगे और शिखरजी तीर्थ किसी को नहीं देंगे। शिखरजी की रक्षा करना जिन शासन की रक्षा करना है। दोपहर में महोत्सव समापन के उपलक्ष में महोत्सव स्थल महावीर नगर से समोसरण मंदिर कंचन बाग तक समस्त प्रतिष्ठित प्रतिमाओं को रथ में विराजमान कर मुनि श्री के सानिध्य में शोभायात्रा निकाली गई जिसमें महोत्सव के सभी पात्र बगघियों में विराजमान थे एवं भारी संख्या में महिला पुरुष नाचते झूमते पैदल चल रहे थे।

शोभायात्रा में सांसद श्री शंकर ललवानी, पार्षद राजेश उदावत, राजीव जैन भी सम्मिलित हुए। श्री ललवानी ने सभी बगघियों में बैठे पात्रों से मिलकर उन्हें पंचकल्याणक के सफलता की बधाई दी, रथ में विराजमान प्रतिमाओं की आरती उतारी और नृत्यभी किया। मार्ग में जगह जगह प्रतिमाओं की वंदना की गई और आरती उतारी गई।शोभायात्रा के समोसरण मंदिर पहुंचने पर मुनि श्री के आशीर्वचन हुए। शोभा यात्रा का निर्देशन पुलक चेतना मंच के श्री प्रदीप बड़जात्या एवं कैलाश लुहाडिया ने किया।

प्रचार प्रमुख राजेश जैन दद्दू ने बताया कि आज मंगलवार को प्रातः 7 बजे से समोसरण मंदिर में विश्व की सबसे बड़ी स्फटिक मणि की प्रतिमा का महा मस्तकाभिषेक होगा

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