संस्कारों से ही संस्कृति सुरक्षितः मुनि सुधासागर महाराज
विभिन्न सत्रों में छात्र अपनी प्रतिभा का करेंगे प्रदर्शन
ललितपुर@राजीव सिंघई। श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर, जयपुर के अन्तर्गत दो दिवसीय पाठशाला परिवार का महाधिवेशन शनिवार को प्रारम्भ हो गया। श्री अभिनंदनोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्रपाल मंदिर ललितपुर में मुनि श्री सुधासागर महाराज ने श्रमण संस्कृति संस्थान, द्वारा पाठशाला उन्नयन के लिए किए जा रहे प्रयासों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि बहुत अच्छा लगता है जब बच्चे धर्म का बोध जानने के लिए पाठशालाओं में पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि पाठशालाओं को लौकिक शिक्षा की भांति जिसदिन बच्चों के अभिभावाक अनिवार्य कर देंगे, उस दिन समाज से कुरीतियां स्वतः समाप्त होना शुरू हो जाएंगी, धर्म और संस्कृति अवतरित होगी।
मुनि सुधासागर महाराज ने पाठशालाओं को संस्कारों की जननी बताते हुए आगे कहा कि इसके माध्यम से बच्चों में धार्मिक और नैतिकता के जो संस्कार दिए जाते हैं वह अमूल्य निधि हैं। संस्कारों से ही हमारी संस्कृति सुरक्षित है जिसके संरक्षण की महती जरूरत है।
शनिवार को प्रातःकाल श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर, जयपुर के अन्तर्गत पाठशाला का महाधिवेशन मुनि सुधासागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में शुरू हुआ जिसका शुभारम्भ संत शिरोमणि आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के चित्र के सम्मुख दीपप्रज्जवलित कर महेन्द्र कुमार जी आशा पाण्डया अमेरिका ने किया। मुनि श्री के आशीर्वाद से पाण्डया परिवार ने अधिवेशन के मुख्य कलश की स्थापना की जिनका दिगम्बर जैन पंचायत द्वारा सम्मान किया गया। पाठशाला कुलपति डा. शीतल चंद जैन ने मुनि श्री की प्रेरणा से देश में चलाए जा रहे श्रमण संस्कृति संरक्षण के बारे में विस्तार से बताया। अधिवेशन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रदीप जैन शास्त्री ने कहा कि श्रमण संस्कृति संस्थान के अन्तर्गत 15 प्रान्तों के 116 जिलों में 600 से अधिक पाठशाला के मेधावी छा़त्रों का अधिवेशन महाराज श्री के सान्निध्य में हो रहा है जिसमें विभिन्न सत्रों के माध्यम से छात्र अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
अधिष्ठाता डा. जयकुमार जैन ने अधिवेशन की संयोजना के लिए दिगम्बर जैन पंचायत को साधुवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन परीक्षा बोर्ड प्रभारी पं. प्रदीप कुमार जैन शास्त्री ने किया। मध्यान्ह में मुनि श्री पूज्य सागर महाराज, एलक श्री धैर्यसागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज ने अधिवेशन में संस्कारों की सीख देते हुए कहा कि जीवन में धर्म है तो सब कुछ है। इसके बगैर कुछ नहीं। उन्होंने पाठशालाओं को विकसित करने के लिए संचालकों को विभिन्न टिप्स दिए। विभिन्न संगोष्ठियों के संचालन में ब्रह्मचारी वीरेन्द्र भैया, पं. आलोक शास्त्री, दीपक जी शास्त्री का योगदान रहा।
प्रातःकाल मूलनायक अभिनंदनोदय अतिशय तीर्थ पर मूलनायक अभिनंदननाथ भगवान का अभिषेक भक्तजनों ने किया। इसके उपरान्त मुनि सुधासागर महाराज के मुखारविन्द से शान्तिधारा पुर्ण्याजक परिवार द्वारा हुई। आज निर्यापक मुनि श्री सुधासागर महाराज एवं मुनि पूज्य सागर महाराज का उपवास रहा जबकि एलक धैर्यसागर महाराज को आहारदान राजीव नायक एवं
क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज को आहार दान का सौभाग्य नरेश भाई सूरत परिवार को मिला।
सायंकाल जिज्ञासा समाधान के लिए श्रावक मुनियों ने श्री सुधासागर महाराज के सम्मुख अपनी जिज्ञासाएं की जिसका संचालन पं. आलोक मोदी ने किया। इसके उपरान्त गुरुभक्ति एवं संगीतमय आरती पुर्ण्याजक परिवार के साथ श्रद्धालु कर लाभान्वित हुए। सायंकाल विभिन्न पाठशालाओं की हुई सांस्कृतिक प्रतियोगिता में बच्चों ने धर्म और संस्कृति की प्रतिभा का प्रदर्शन
किया जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। अधिवेशन की व्यवस्थाओं में मंदिर प्रबंधक राजेन्द्र जैन थनवारा मोदी पंकज जैन, धार्मिक संयोजक मनोज जैन बबीना, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया एवं स्थानीय संयोजक संजीव जैन ममता स्पोर्ट, सत्येन्द्र जैन गदयाना, जितेन्द्र जैन राजू, अभिषेक जैन अनौरा, जिनेन्द्र जैन डिस्को के अतिरिक्त मीना इमलया, ब्रह्मचारिणी नीलम दीदी, ब्रह्मचारिणी सविता दीदी, अनीता मोदी सुषमा जैन आदि का योगदान मिल रहा है।
श्रमण संस्कृति महाधिवेशन की नगर में आज निकलेगी शोभायात्रा
रविवार 25 सितम्बर को प्रातःकाल 6.30 बजे मुनि श्री सुधासागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति
पाठशाला महाधिवेशन की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा जैन अटामंदिर से प्रारम्भ होकर घंटाघर चौक से होती हुई अभिनंदनोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्रपाल मंदिर पहुचेंगी जहां मुनि श्री धर्मसभा को सम्बोधित करेंगे। उक्त जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने बताया कि महाधिवेशन का मध्यान्ह में समापन होगा।













