आगरा के शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर 7 आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में पर्युषण महापर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की आराधना बड़े भक्तिभाव से की गई। इस अवसर पर श्री पुष्पदन्त और चंद्रप्रभु भगवान का अभिषेक और संगीतमय पूजन हुआ। विद्वानों ने मार्दव धर्म के महत्व को समझाते हुए अहंकार त्याग और साधना को जीवन का आधार बताया। पढ़िए राहुल जैन की ख़ास रिपोर्ट…
आगरा के शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर 7 आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में आज पर्युषण महापर्व का शुभारंभ हुआ। दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की आराधना पंडित शुभम जैन शास्त्री के सानिध्य में की गई। इस अवसर पर भक्तों ने श्री पुष्पदन्त एवं चंद्रप्रभु भगवान का अभिषेक किया और संगीतमय पूजन का आयोजन हुआ।
पूजा-विधि की संपूर्ण क्रियाएं पंडित अंशुल शास्त्री और विद्वान श्री आदिश जी के निर्देशन में हुईं। प्रथम चारों इंद्रों ने पादुकाशिला पर विराजमान भगवान का अभिषेक किया। इसके बाद मूलनायक श्री शांतिनाथ भगवान का अभिषेक स्वर्ण कलश से किया गया। आठों इंद्रों ने शांतिधारा करने का सौभाग्य प्राप्त किया।
पंडित अंशुल शास्त्री ने प्रवचन में कहा कि धन, दौलत और शान-शौकत अक्सर इंसान को अहंकारी बना देती है। ऐसा व्यक्ति दूसरों को छोटा और स्वयं को सर्वोच्च मानता है। मार्दव हमें अपनी सही वृत्ति समझने का मार्ग दिखाता है। जब सबको एक दिन जाना ही है तो परिग्रह त्यागकर तप, त्याग और साधना से जीवन को मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ाना ही सर्वोत्तम विकल्प है।
यह रहे उपस्थित, आगे होंगे आयोजन
इस अवसर पर श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन समिति के अध्यक्ष राजेश बैनाड़ा, मंत्री विजय जैन निमोरबा, मगन कुमार जैन, महेश चंद्र जैन, अरुण जैन, अनिल आदर्श जैन, सतीश जैन, हेमा जैन, राकेश जैन, राजेंद्र जैन, जितेश जैन, आलोक जैन, मोहित जैन, चंदन जैन, विपुल जैन, सिद्धार्थ जैन, शुभम जैन, अनन्त जैन, विपिन जैन सहित समस्त जैन समाजजन उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि 30 अगस्त को सुबह 7 बजे उत्तम आर्जव धर्म के अवसर पर अभिषेक एवं पूजन और रात 8 बजे से सम्यक महिला मंडल द्वारा नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन होगा।













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