समाचार

भक्ति भाव से झूमरीतिलैया में मनाया गया पर्युषण महापर्व का चौथा दिवस : उत्तम शौच धर्म की आराधना, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम बने आकर्षण

झूमरीतिलैया। श्री दिगंबर जैन समाज झूमरीतिलैया के दोनों जैन मंदिरों में पर्युषण महापर्व अत्यंत भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। आज पर्व का चौथा दिन उत्तम शौच धर्म के रूप में समर्पित किया गया।

इस अवसर पर बड़ा मंदिर स्थित सरस्वती भवन में जयपुर से पधारीं डॉ. निर्मला दीदी ने अपने प्रवचन में कहा—

“उत्तम शौच लोभ परिहारी, संतोषी गुण रतन भंडारी”। उन्होंने समझाया कि जो व्यक्ति लोभ और लालच का त्याग करता है तथा संतोष धारण करता है, वह आत्मा की निर्मलता को प्राप्त कर परम शांति का अनुभव करता है।

सुबह नये मंदिर एवं बड़े मंदिर में भगवान की भव्य अभिषेक-शांतिधारा हुई। अनेक परिवारों को इस पुण्य का सौभाग्य मिला। साथ ही दसलक्षण धर्म की संगीतमय पूजन संपन्न हुई, जिसका आयोजन सुबोध-आशा जैन गंगवाल परिवार ने किया। आज का दिन विशेष इसलिए भी रहा क्योंकि जैन धर्म के 9वें तीर्थंकर भगवान श्री पुष्पदंतनाथ का निर्वाण दिवस पूरे समाज में उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर निर्वाण लड्डू अर्पित किए गए।

शास्त्री और निर्मला दीदी ने धर्म प्रवचन दिया

संध्या में महाआरती के पश्चात पंडित अभिषेक शास्त्री और निर्मला दीदी ने धर्म प्रवचन दिया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न समूहों ने प्रस्तुतियाँ दीं।

• अनिता जैन सोगानी और किरण जैन ठोल्या द्वारा समाज की कुरीतियों पर आधारित नाटक को प्रथम पुरस्कार मिला।

• योग प्रतियोगिता में प्रथम जैन को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।

• भजन प्रतियोगिता में ललित जैन सेठी और सायशा जैन को तृतीय स्थान दिया गया।

पुरस्कार वितरण नवीन-बबिता, वैशाली और आकांक्षा जैन सेठी के करकमलों से किया गया। मौके पर समाज के पदाधिकारी, संयोजक और मीडिया प्रभारी राजकुमार जैन अजमेरा एवं नवीन जैन उपस्थित रहे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

Tags

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page