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जिनधर्म रक्षक के सदस्य पर्व जैन विहान जैन सेठिया ने 'सर्वधर्म प्रार्थना' में किया' का प्रतिनिधित्व : शास्त्रीय भाषा प्राकृत में ‘णमोकार महामंत्र’ का सस्वर वाचन किया


गांधी स्मृति,तीस जनवरी मार्ग के कीर्ति मंडपम् में गिल्ड फार सर्विस एवं वार विंडो एसोसिएशन के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ‘सर्वधर्म प्रार्थना एवं भजन संध्या’ का आयोजन हुआ। नईदिल्ली से पढ़िए, इंदु जैन की यह खबर…


नईदिल्ली। गांधी स्मृति,तीस जनवरी मार्ग के कीर्ति मंडपम् में गिल्ड फार सर्विस एवं वार विंडो एसोसिएशन के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ‘सर्वधर्म प्रार्थना एवं भजन संध्या’ का आयोजन हुआ। भारत के अनेक विशिष्ट व्यक्तियों के सानिध्य में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना में जैनधर्म का प्रतिनिधित्व करते हुए ‘जिनधर्म रक्षक’ के पर्व जैन ने संस्कृत भाषा के भक्तामर स्तोत्र एवं सभी की मंगल कामना करते हुए ‘मेरी भावना’ का सस्वर वाचन किया। पर्व ने जैन प्रार्थना के प्रारंभ में ‘णमो जिणाणं-जय जिनेन्द्र’ कहकर सभी का अभिनंदन किया और कहा कि “जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव के पुत्र चक्रवर्ती सम्राट भरत जिनके नाम से अपने देश का नाम भारत पड़ा। ऐसी भारत भूमि को मैं नमन करता हूं। इसके बाद उसने ओजस्वी स्वर में जैन प्रार्थना की। विश्व में शांति की स्थापना हो इस भावना से पर्व एवं विहान ने सभी भाषाओं की जननी, भारत की शास्त्रीय भाषा प्राकृत में ‘णमोकार महामंत्र’ का सस्वर वाचन किया।

सभी को अत्यंत गौरव की अनुभूति हुई

जैनधर्म की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि,अल्पसंख्यक आयोग की विशेषज्ञ सलाहकार सदस्य तथा जिनधर्म रक्षक की ओर से इस आयोजन की जैन संयोजिका डॉ. इंदु जैन राष्ट्र गौरव ने बताया कि विशिष्ट अतिथियों एवं दर्शकों के समक्ष विशाल सभागार में जब बच्चे जैन प्रार्थना कर रहे थे तो सभी को अत्यंत गौरव की अनुभूति हो रही थी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की धर्मपत्नी गुरशरण कौर, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल, ‘द गिल्ड फार सर्विस’ की अध्यक्षा मीरा खन्ना,’वार विंडोज एसोसिएशन’ की अध्यक्षा दमयंती ताम्बे आदि विशिष्ट अतिथियों ने “जिनधर्म रक्षक” के सदस्य, दोनों बच्चों की सुंदर प्रस्तुति के लिए आशीर्वाद देते हुए उन्हें सम्मानित किया। जिनधर्म रक्षक की ओर से डॉ. इंदु जैन ने भी पर्व एवं विहान को पुरस्कार दिए। सर्वधर्म प्रार्थना में जैन, हिन्दू, मुस्लिम,सिख, ईसाई, बहाई, पारसी आदि सभी धर्म के बाल प्रतिनिधियों ने अपने-अपने धर्म की प्रार्थनाएं प्रस्तुत कीं एवं बाद में प्रसिद्ध गायिका रानीता डे ने भजनों की भावपूर्ण शास्त्रीय प्रस्तुति दी।

  उपलब्धि पर लगा बधाइयों का तांता

जैन समाज के प्रसिद्ध समाजसेवी सुखराज सेठिया के पौत्र एवं सुनील-सुरुचि के पुत्र विहान सेठिया एवं देव-शास्त्र-गुरु के प्रति समर्पित, इग्नू के प्रोफेसर प्रवीण जैन एवं समाजसेविका सुमन जैन के पुत्र पर्व जैन ने जैनधर्म का प्रतिनिधित्व करके जैन समाज को गौरवान्वित किया है। इस विशेष उपलब्धि के लिए दोनों बालकों एवं उनके परिवारजन को जैन समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने बधाइयां दीं।

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