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हाटपिपल्या के पार्थ टोंग्या ने जीता स्वर्ण पदक: नेशनल शूटिंग फेडरेशन कप स्पर्धा अंडर 17 में दिखाया पराक्रम 


हाटपिपल्या के पार्थ टोंग्या ने स्वर्ण पदक हासिल कर जैन समाज का सिर गर्व से तान दिया है। पार्थ ने नेशनल शूटिंग फेडरेशन कप स्पर्धा अंडर 17 में स्वर्ण पदक हासिल किया। स्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब भी अपने ही नाम किया। समाजजनों ने पार्थ को बधाई और शुभकामनाएं देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। हाट पिपल्या से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर…


हाटपिपल्या। कहा जाता है कि खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब, पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब। उसको झुठलाते हुए हाटपिपल्या जिला देवास के पार्थ टोंग्या ने जैन जगत का एवं परिवार का नाम रोशन किया। पार्थ ने नेशनल शूटिंग फेडरेशन कप स्पर्धा अंडर 17 में स्वर्ण पदक तो हासिल किया ही साथ ही स्पर्धा के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के खिताब से भी सम्मानित हुए। यह स्पर्धा 4 मई को पटियाला में आयोजित हुई। पार्थ तुलाज़ इंटरनेशनल स्कूल देहरादून के छात्र हैं। उनकी रुचि ने इन्हें इस कीर्तिमान तक पहुंचाया पवन चंदा टोंग्या के पौत्र एवं आनंद रुचि टोंग्या के पुत्र पार्थ की रुचि बचपन से ही निशानेबाजी में रही।

जिसे देखते हुए उनके माता-पिता ने उन्हें शिक्षा के साथ इस दिशा में मोड़ दिया। उनकी रुचि उनकी लगन उन्हें इस मुकाम तक ले आई। पार्थ का कहना है कि कॉमनवेल्थ खेलों के साथ राष्ट्रीय खेल स्पर्धा में पदक लाने के साथ-साथ ओलंपिक खेलों में भी जाकर अपना प्रदर्शन दिखाकर अपना नाम और देश का नाम रोशन करना चाहता हूं। इतना ही नहीं कि कुछ दिनों पूर्व आयोजित तीरंदाजी राष्ट्रीय स्पर्धा, जो देहरादून में आयोजित हुई। इसमें उन्होंने विश्व स्तर पर तीरंदाजी में अपना परचम दिखाने वाले खिलाड़ियों के बीच अपना कौशल दिखाकर समाज ही नहीं अपितु संपूर्ण परिवार का नाम रोशन किया था।

इंटरनेशनल खिलाड़ियों ने पार्थ की सराहना की 

तीरंदाजी में विश्व स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली दीपिका कुमारी, विश्व स्तर पर छठवा स्थान प्राप्त करने वाली अतनु दास, विश्व स्तर पर नवां स्थान प्राप्त करने वाले तरुण दीप राय, विश्व रैंकिंग में दसवां स्थान प्राप्त करने वाले धीराज बोम्मादेवरा ने पार्थ के प्रदर्शन को सराहा एवं तारीफ की। पार्थ को प्रशिक्षण देने वाले जाने-माने कोच सचिन वेदेवान भी पार्थ की लगन की जमकर तारीफ करते हैं उनका कहना है कि एक दिन यह देश समाज एवं परिवार का नाम रोशन करेगा। आपको बता दें कि पार्थ एक धर्मनिष्ट परिवार से हैं। उनके दादा पवन टोंग्या दयोदय गोशाला हाटपिपल्या के अध्यक्ष भी हैं। कपार्थ तुलास इंटरनेशनल स्कूल देहरादून में अध्ययन करते हुए वे वहां रहकर पूर्णतया जैनत्व नियमों का पालन करते हुए अध्ययन कर रहे हैं। मुनि श्री निसंग सागर जी महाराज के आशीर्वाद से इन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा निरंतर मिलती रहती है।

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