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भक्ति, ज्ञान और उल्लास से गूंजा श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर प्रांगण : पर्यूषण पर्व के चौथे दिवस हुई उत्तम शौच धर्म की आराधना, केबीसी शैली की प्रश्नोत्तरी बनी आकर्षण


अंबाह में पर्यूषण पर्व के चौथे दिन श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण भक्ति, ज्ञान और उल्लास से गूंज उठा। दिनभर अभिषेक और आराधना का माहौल रहा, वहीं रात्रि में “कौन बनेगा करोड़पति” की तर्ज पर आयोजित धार्मिक प्रश्नोत्तरी ने भक्तों का मन मोह लिया।पढ़िए अजय जैन की ख़ास रिपोर्ट…


अंबाह। पर्यूषण पर्व का चौथा दिवस श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, परेड चौराहा, अंबाह में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। प्रातःकाल में भगवान का भव्य अभिषेक किया गया और विश्वशांति की मंगलकामना की गई। मंदिर का वातावरण इतना पवित्र और दिव्य था कि हर कोई आध्यात्मिकता में सराबोर दिखाई दे रहा था।

गुना से पधारे पंडित आयुष शास्त्री ने उत्तम शौच धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि शौच धर्म केवल बाहरी स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मा की निर्मलता और भीतर की शुद्धि का प्रतीक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे कोयला चाहे कितनी ही बार साबुन से धोया जाए, वह सफेद नहीं हो सकता; उसी प्रकार यह शरीर भी कभी पूर्णत: शुद्ध नहीं हो सकता। जैन धर्म में शरीर की शुचिता से अधिक आत्मा की शुद्धि को ही वास्तविक शौच माना गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्ञानी मुनि और महान साधु शरीर की अमंगलता को जानते हुए भी उसमें स्थित आत्मा के सम्यग्दर्शन, ज्ञान और चारित्र रूपी रत्नत्रय की प्राप्ति तक उसकी रक्षा करते हैं।

रात्रि का विशेष आयोजन – “केबीसी” शैली की प्रश्नोत्तरी

शाम होते ही मंदिर प्रांगण में भक्तों का उत्साह और भी बढ़ गया। समिति ने विशेष धार्मिक प्रश्न मंच और “कौन बनेगा करोड़पति” की शैली पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की।

कार्यक्रम में बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सवाल-जवाब के दौरान तालियों और जयकारों से मंदिर प्रांगण गूंज उठा। खास बात यह रही कि छोटे-बड़े सभी को मंच पर समान अवसर मिला

विजेताओं का सम्मान

धार्मिक प्रश्नोत्तरी के विजयी प्रतिभागियों को मंदिर कमेटी अध्यक्ष अशोक जैन एडवोकेट एवं श्रीमती सरस जैन ने पुरस्कार प्रदान किए। बच्चों, महिलाओं और युवाओं ने पुरस्कार पाकर अपार हर्ष अनुभव किया। अध्यक्ष अशोक जैन ने संबोधित करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा और उपवास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये जीवन को सकारात्मक दिशा देने और समाज में शांति, संयम और सहयोग का वातावरण निर्मित करने का साधन हैं।

आयोजन समिति की सक्रिय भूमिका

पूरे आयोजन की सफलता में मंदिर समिति और कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। समिति अध्यक्ष अशोक जैन, अरिहंत मंडल के राहुल जैन, आकाश जैन सहित युवाओं ने अनुशासित और व्यवस्थित ढंग से कार्यक्रम का संचालन किया। मंच संचालन, प्रश्नोत्तरी संयोजन और पुरस्कार वितरण में सभी ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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