पार्श्वगिरि अतिशय क्षेत्र पर प्रथम बार हुए चातुर्मास का आज श्रद्धापूर्वक समापन हुआ, जिसमें गणिनी आर्यिका क्षमाश्री माताजी व सुखदश्री माताजी का पिच्छिका परिवर्तन समारोह भावपूर्ण रूप से सम्पन्न हुआ। पढ़िए दीपक प्रधान की रिपोर्ट…
धामनोद। पार्श्वगिरि अतिशय क्षेत्र पर इस वर्ष प्रथम बार आयोजित चातुर्मास आज मंगलमय रूप से सम्पन्न हुआ। गणधराचार्य कुंथुसागरजी महामुनिराज की परम प्रभावक शिष्या गणिनी आर्यिका क्षमाश्री माताजी और संघस्थ आर्यिका सुखदश्री माताजी ने धर्म साधना के इस चातुर्मास को सानंद और निर्विघ्न पूर्ण किया। इस अवसर पर पिच्छिका परिवर्तन का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
श्रावकों ने श्रमण संघ की सेवा में तत्पर रहकर माताजियों को नई पिच्छी समर्पित की। वहीं जिन श्रावक-श्रेष्ठियों ने चातुर्मास में सेवा-सुश्रुषा व नियम पालन का विशेष संकल्प निभाया, उन्हें माताजी द्वारा पूर्व पिच्छी प्रदान कर सम्मानित किया गया। ट्रस्ट कमेटी और चातुर्मास समिति ने बाहर से आए अतिथियों एवं सहयोगी साधर्मी बंधुओं का हृदयपूर्वक सम्मान किया।
कार्यक्रम में उज्जैन, इंदौर, सिंहाना, लोहेड़ी, पिपलिया, कुक्षी, बेड़ियां, भीकनगांव, बड़वानी सहित अनेक स्थानों के साधर्मी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
ट्रस्ट समिति ने इस पावन अवसर पर चातुर्मास में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी साधर्मी बंधुओं का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसा ही सहयोग बनाए रखने की मंगलकामना व्यक्त की।













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