श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर कुुमेड़ी में पंचकल्याणक महोत्सव का समापन धूमधाम से हुआ। इस अवसर पर प्रभु का मोक्ष गमन हुआ। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर कुुमेड़ी, एम.आर 10 रोड होटल निर्वाणा के पास इंदौर में सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी, मुनि श्री धर्म सागर जी, मुनि श्री भाव सागर जी के मंगल सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव सम्पन्न हुआ। महोत्सव प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी विनय भैया “सम्राट” बंडा और ब्रह्मचारीअभय भैया जी “आदित्य”, ब्रह्मचारीअनिल भैया इंदौर के निर्देशन में हुआ। महोत्सव के आखिरी दिन 14 मार्च को विश्व शांति महायज्ञ और गजरथ परिक्रमा का आयोजन हुआ। इससे पहले प्रातः काल प्रभु का मोक्ष गमन हुआ। इसके बाद अग्निकुमार देवों ने संस्कार किए, फिर हवन विश्व शांति महायज्ञ हुआ।

इसके पश्चात गजरथ की सात परिक्रमा पंडाल की हुई, इसमें गजरथ में प्रभु विराजमान थे। ऐरावत हाथी भी चल रहे थे। लोग केसरिया और पीले वस्त्रों में भक्ति पूर्वक नृत्य करते हुए चल रहे थे। मुनि श्री चल रहे थे, ब्रह्मचारी भैया, ब्रह्मचारिणी दीदी एवं इंद्रगण चल रहे थे। इसके पश्चात नवीन मंदिर के शिखर पर कलशारोहण कर ध्वज स्थापित किया गया। भगवान की पिच्छी और कमंडल लेने का सौभाग्य भगवान के माता पिता बने रमेश चंद जैन, प्रभा जैन ,सौधर्मेंद्र प्रयंक जैन, शालिनी जैन को प्राप्त हुआ। कमेटी ने बताया कि भगवान का महामस्तकाभिषेक होगा। 19 मार्च को गोमटगिरी में बाहुबली भगवान का दोपहर में 1 बजे महामस्तकभिषेक होगा। 18 से 26 मार्च तक स्मृति नगर में इंदौर में प्रथम बार 72 समवशरण विधान होगा।
इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ने कहा कि स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार जैसे दूध में घी रहता है ऐसे ही हमारी आत्मा रहती है, आज प्रभु को मुक्ति हो गई आपको भी मुक्ति हो गई ,आप पूजा, अर्चना ऐसे ही करते रहे। और समाज जन को आशीर्वाद दिया।













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