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ऐतिहासिक हुआ महरौनी में पंचकल्याणक महोत्सव : जिनबिम्बों की प्रतिष्ठा कर श्री महावीर स्वामी दिगम्बर जिनालय की मनोहारी वेदी पर किया विराजमान


उत्तर प्रदेश की धर्म नगरी ललितपुर के महरौनी नगर में भक्त से भगवान बनने की कला सिखाने वाला जैनदर्शन का सर्वोत्कृष्ट उत्सव पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 19 से 23 जून तक विविध उपलब्धियों सहित ऐतिहासिक रूप से साआनन्द संम्पन्न हुआ। यह मंगल महोत्सव पंडित टोडरमल स्मारक ट्रस्ट जयपुर के निर्देशन में श्री कुन्दकुन्द कहान दिगम्बर जैन स्वाध्याय मंदिर ट्रस्ट महरौनी, मुमुक्षु मण्डल टीकमगढ़ एवं बानपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। पढ़िए राजीव सिंघाई की विस्तृत रिपोर्ट…


महरौनी (ललितपुर)। उत्तर प्रदेश की धर्म नगरी ललितपुर के महरौनी नगर में भक्त से भगवान बनने की कला सिखाने वाला जैनदर्शन का सर्वोत्कृष्ट उत्सव पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 19 से 23 जून तक विविध उपलब्धियों सहित ऐतिहासिक रूप से साआनन्द संम्पन्न हुआ। इसकी भारत ही नहीं, सम्पूर्ण विश्व के सकल जैन समाज ने सराहना की। यह मंगल महोत्सव गुरुदेवश्री के पुण्य प्रभावना योग में पंडित टोडरमल स्मारक ट्रस्ट जयपुर के निर्देशन में श्री कुन्दकुन्द कहान दिगम्बर जैन स्वाध्याय मंदिर ट्रस्ट महरौनी, मुमुक्षु मण्डल टीकमगढ़ एवं बानपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

मनोहारी वेदी पर किया विराजमान

महोत्सव के मीडिया प्रभारी दीपकराज जैन ने बताया कि पांच दिवसीय श्री 1008 नेमिनाथ दिगम्बर जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी पण्डितश्री अभिनन्दन शास्त्री खनियाधाना के प्रतिष्ठाचार्यत्व में संम्पन्न हुआ, जिसमें तीन लोक के नाथ तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान का क्रमशः गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान एवं मोक्षकल्याणक महोत्सव मनाकर मनोहारी जिनबिम्बों की प्रतिष्ठा कर श्री महावीर स्वामी दिगम्बर जिनालय की मनोहारी वेदी पर विराजमान किया गया।

इन्हें प्राप्त हुआ सौभाग्य

अति सुंदर जिनालय में श्रीजी के साथ मां जिनवाणी सहित आचार्य भगवंतों के पावन चरण भी विराजमान किये गए, इसके साथ भगवान आत्मा की गूंज के साथ तू स्वयं भगवान है ऐसा बताने वाला स्वाध्याय भवन एवं शाश्वत तीर्थराज सम्मेदशिखरजी की मनोहारी रचना कर भगवंतों के पावन चरण विराजमान किये गए, जिसे समर्पित करने का सौभाग्य कुसुम विमलकुमार जैन, नीरू केमिकल्स दिल्ली एवं सुनीता प्रेमचंद बजाज परिवार मुमुक्षु आश्रम कोटा को एवं मुख्य शिखर का निर्माण नवीन भाई केशवलाल मेहता परिवार मुम्बई, मणिभाई कारिया परिवार द्वारा मुख्य शिखर निर्माण एवं ध्वज स्थापना का सौभाग्य वासन्ती बेन शाह परिवार मुम्बई को प्राप्त हुआ।

इनका मिला समागम

मंगल महोत्सव में विद्धतवर्ग में आदरणीय पण्डितश्री राजेंद्रकुमारजी जैन जबलपुर, पं. राजेंद्रकुमार जैनदर्शानाचार्य टीकमगढ़, बा.ब्र. डॉ. मनोज जैन जबलपुर, राजकुमार जैन उदयपुर, डॉ. मनीष शास्त्री मेरठ, विपिन शास्त्री मुम्बई, परमात्मप्रकाश भारिल्ल, पीयूष शास्त्री, डॉ. एस.पी.भारिल्ल जयपुर, ऋषभ शास्त्री छिन्दवाड़ा, सुनील धवल भोपाल, ब्र. सुकमाल झांझरी उज्जैन, प्रयंक शास्त्री खुरई, डॉ. अंकित शास्त्री लुणदा, दिव्यांश शास्त्री अलवर ने भाग लिया। मंच संचालन संजय शास्त्री जेबर कोटा, डॉ. विवेक जैन इंदौर एवं मंच निर्देशन पं. विराग शास्त्री जबलपुर द्वारा किया गया एवं अशोक शास्त्री इंदौर, श्रेयांस शास्त्री अभाना, भजन गायक संजीव जैन उस्मानपुर दिल्ली सहित स्थानीय विद्धतगणों का समागम प्राप्त हुआ। वहीं श्रेष्ठिजनों में कुसुम प्रदीपचंद चौधरी किशनगढ़, राहुल गंगवाल जयपुर, गुलाबचंद जैन, सुनील सराफ सागर, जैन युवा फेडरेशन के प्रांतीय मीडिया प्रभारी दीपकराज जैन छिन्दवाड़ा, देवेंद्र शास्त्री ग्वालियर सहित ललितपुर, टीकमगढ़, बानपुर, सागर, जबलपुर, दमोह, आरोन, अभाना सहित पूरे देश से विद्वानों के साथ श्रेष्ठिजन महरौनी पधारे, जिनका महोत्सव समिति ने आत्मीय अभिनन्दन किया।

इनका मिला विशेष सहयोग

मंगल महोत्सव के समाचार जन जन तक पहुंचाने के लिए मीडिया, स्थानीय मीडिया सहित जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सकल समाज, कैलाशचंद चौधरी, मुन्नालाल जैन ललितपुर, आलोक वैध टीकमगढ़, धन्यकुमार पवैय्या, आनन्द सराफ दाऊ, आनन्द जैन शिक्षक, कोमलचन्द सिंघई महरौनी, रविन्द्र जैन, आनन्द चौधरी, रोहित वैशाखिया, गुलाबचंद जैन, आशीष शास्त्री, संजय हल्ले, डॉ. विकास शास्त्री, अमित अरिहंत, राजीव चौधरी, कमलेश शास्त्री सहित सभी का अपूर्व सहयोग प्राप्त हुआ।

ये रहे मुख्य आकर्षण –

बाल तीर्थंकर के पिताश्री कैलाशचंद चौधरी एवं कार्यक्रम अध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने बताया कि पांच दिवसीय महोत्सव के मुख्य आकर्षण में राज सभा, इंद्र सभा, माता देवी की चर्चा, समवशरण रचना, पालना झूलन, माता के सोलह स्वप्न एवं उनका फल, जन्म एवं तप कल्याणक का चल समारोह, पाण्डुक शिला पर जन्माभिषेक, अष्टदेवियों के सुंदर नृत्य, विद्धत संगोष्ठी, संजय शास्त्री द्वारा पांच पांडवों का वैराग्य, एस.पी. भारिल्ल द्वारा इन भावों का फल क्या होगा पर सुंदर सेमिनार हुआ। भजन गायक संजीव जैन उस्मानपुर दिल्ली द्वारा सुंदर आध्यात्मिक भजन संध्या आयोजित की गई। महरौनी के सधर्मी वात्सल्य सहित अतिथि सत्कार की सभी ने सराहना कर सफल आयोजन की शुभकामनाएं दीं।

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