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ज्ञानतीर्थ पंचकल्याणक महोत्सव का हुआ शुभारम्भ: पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव प्रारम्भ


सारांश

श्री ज्ञानतीर्थ क्षेत्र में श्री आदिनाथ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारम्भ घटयात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ । विस्तार से जानिए आयोजन के बारे में हर जानकारी मुरैना से मुकेश नायक की इस रिपोर्ट में….


श्री मज्जिनेन्द्र जिनविम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिन प्रातः कालीन शुभ मुहूर्त में देव आज्ञा, गुरुआज्ञा, प्रतिष्ठाचार्य निमंत्रण, तीर्थमण्डल पूजा की क्रियाएं की गई । घटयात्रा का विशाल एवं भव्य जुलूस ज्ञानतीर्थ जैन मंदिर से प्रारम्भ होकर ए बी रोड, घरोना हनुमान मंदिर, वन विभाग के कार्यालय तक भृमण करता हुआ नव निर्मित अयोध्या नगरी में आयोजन स्थल पहुँचा ।

केसरिया परिधान में मंगल कलथ लिए चली महिलाएं

घटयात्रा चल समारोह में जैन ध्वजा को लेकर आगे आगे हाथी चल रहा था । सौभाग्यशाली महिलाएं केशरिया परिधान में सिर पर मंगल कलश लेकर चल रहीं थी । बैंडबाजों की मधुर धुन पर युवा साथी भक्तिमय नृत्य कर रहे थे । घटयात्रा में लाए गए शुद्ध जल से वेदी, मंच एवं पांडाल की शुद्धि की गई । ध्वजारोहण मुकेश जैन आगरा, चित्र अनावरण इंद्रसेन ऋषभ जैन दिल्ली, दीप प्रज्ज्वलन देवेंद्र निर्मल जैन आगरा ने किया । अयोध्या नगरी का उद्घाटन अतुल जैन दिल्ली एवं मंच का उद्घाटन हंसकुमार स्वेता जैन दिल्ली, किया गया । समस्त धार्मिक क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य ब्र. श्री जयकुमार “निशांत” टीकमगढ़, सह प्रतिष्ठाचार्य नितिन भैयाजी खुरई, मनीष भैयाजी टीकमगढ़ के आचार्यत्व में सम्पन्न हुई ।

समाज के प्रमुख संत रहे विराजमानमं

चासीन पट्टाचार्य श्री विनीतसागर जी महाराज, सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज, सर्वश्री गणिनी आर्यिका श्री लक्ष्मीभूषण माताजी, श्री सृष्टीभूषण माताजी, श्री स्वस्तिभूषण माताजी, श्री आर्षमति माताजी एवं विराजमान समस्त आचार्य एवं आर्यिका संघ ने मंगल भावना के साथ सभी को शुभाशीष प्रदान किया। दोपहर को याग मंडल विधान के तहत पूजा अर्चना की गई । शाम को भव्यता के साथ 108 दीपकों से भगवान आदिनाथ जी की आरती की गई । ततपश्चात शास्त्र सभा में सरगर्वित प्रवचन हुए। रात्रि को विशाल एवं भव्य मंच पर राज दरबार सजाया गया । राज दरबार में राजा नाभिराय से तत्वचर्चा के पश्चात कुबेर ने रत्नों की वर्षा की । अष्ट कुमारियों ने रानी मरुदेवी की सेवा की और रानी मरुदेवी द्वारा देखे गए सोलह स्वप्नों का बहुत ही सुंदर प्रस्तुति की गई । इसके साथ ही मनोहारी गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किये गए । मध्यरात्रि में गर्भ कल्याणक की क्रियाएं सम्पन्न हुई ।

एक फरवरी से छह फरवरी तक आयोजन

ज्ञातव्य हो कि परम पूज्य सराकोद्धारक षष्ट पट्टाचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज की पावन प्रेरणा एवं आशीर्वाद से नव निर्मित ज्ञानतीर्थ क्षेत्र जैन मंदिर मुरेना में श्री आदिनाथ जिनविम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव का आयोजन सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज, विनितसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य एवं स्वस्तिधाम प्रणेत्री गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी के पावन निर्देशन में एक फरवरी से छह फरवरी तक चल रहा है ।

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