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पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महाेत्सव तिथि घाेषणा कार्यक्रम : पीठ कस्बे में सबसे श्रेष्ठ मंदिर का निर्माण किया है, 22 से 27 मई 2023 काे वागड़-मेवाड़ का ऐतिहासिक महाेत्सव हाेना चाहिए – खाेड़निया

  1. पीठ कस्बे में मूलनायक भगवान शांतिनाथ का नवीन भव्य जिनालय 4 वर्ष में तैयार, 22 से 27 मई 2023 काे भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महाेत्सव, समाज ने शुरू कर दी तैयारियां
  2. शिल्पी अारके जैन ने कहा कि वागड़ की धरा का यह पहला मंदिर है जाे जैन शास्त्र व शिल्प के अनुसार तैयार किया, जैन शिल्प शास्त्र के अनुसार भारत के दूसरे नंबर के मंदिर का निर्माण हुअा है…

फाेटाे-डूंगरपुर। पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महाेत्सव तिथि की घाेषणा करते 18 हजार दशाहुम्मड़ जैन समाज केे अध्यक्ष दिनेश खाेड़निया।
फाेटाे-डूंगरपुर। कार्यक्रम के दाैरान मंचासीन अतिथि व संबाेधित करते अध्यक्ष।


डूंगरपुर। पीठ कस्बे में मूलनायक भगवान शांतिनाथ का नवीन जिनालय के पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महाेत्सव की तिथि घाेषणा कार्यक्रम मंगलवार काे हुअा। मुख्य अतिथि 18 हजार दशाहुम्मड़ जैन समाज केे अध्यक्ष दिनेश खाेड़निया रहे। अध्यक्षता शिक्षण ट्रस्ट मंडल के अध्यक्ष धनपाल लालावत ने की। विशिष्ठ अतिथि धनपाल शाह, महेश सेठ, किर्ती कुमार शाह, पवन कुमार गाेवाडिया, महिला महासभा अध्यक्ष साधना काेठारी, काेषाध्यक्ष प्रमाेद शाह, अनाेखीलाल, कन्हैयालाल, राजमल जैन घाटाेल, हुकमचंद, शिल्पी अारके जैन, प्रतिष्ठाचार्य अरविदं जैन, विजय कुमार, भगवतीलाल, रेखा, भगवती देवी, मितेश शाह रहे। इस दाैरान पीठ दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष राजमल काेठारी, गाेवर्द्धलाल डेचिया ने संबाेधित किया। इस दाैरान शुभ मुहूर्त में 18 हजार दशाहुम्मड़ जैन समाज केे अध्यक्ष दिनेश खाेड़निया ने पंच कल्याणक प्रतिष्ठा के लिए 22 से 27 मई 2023 हाेने की तिथि घाेषणा की। कार्यक्रम के बाद अतिथियाें ने पीठ कस्बे के दिगंबर जैन समाज के नवीन जिनालय काे देखा।

18 हजार दशाहुम्मड़ जैन समाज केे अध्यक्ष दिनेश खाेड़निया ने कहा कि पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महाेत्सव के लिए पूरी 18 हजार दशाहुम्मड़ समाज कंधा से कंधा मिला कर खड़ी है। जहां पर भी अावश्यकता पड़ेगी, 72 गांव अापके साथ है। पीठ कस्बे में सबसे श्रेष्ठ मंदिर का निर्माण किया गया है। मई माह में हाेने वाले कार्यक्रम इस वागड़ मेवाड़ का शानदार महाेत्सव हाेना चाहिए। महिला महासभा अध्यक्ष साधना काेठारी ने कहा कि पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महाेत्सव तिथि घाेषणा करना समाज के इतिहास में यह पहला अवसर है। जहां पर इस तरह का कार्यक्रम अायाेजित किया गया। समाज में बड़ा उत्साह है।

शिल्पी अारके जैन ने कहा कि पीठ की समाज का बड़ा साैभाग्य है। वागड़ की धरा का यह पहला जैन मंदिर है जाे जैन शास्त्र व शिल्प के अनुसार तैयार किया गया। मंदिर में काेई वास्तु शास्त्र नहीं हाेता है, मंदिर में सिर्फ शिल्प शास्त्र हाेता है। शास्त्र से बनाया गया मंदिर गांव व समाज के विकास का अहम कारण बनता है। जहां मंदिर शास्त्राेक्त हाेेंगे, उस समाज व गांव का विकास हाेने से काेई राेक नहीं सकता है। पीठ गांव के जैन मंदिर में लाेहे की एक कील का भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। देव शास्त्र गुरु पर श्रद्धा कर लेना, जिनवाणी के अंदर सारे सवालाें के जवाब है। विज्ञान भी जैन शास्त्र काे स्वीकार करता है, इसलिए ज्ञान पहले हैं। यह नवीन जिनालय वागड़ की धरा का प्रसिद्ध मंदिर हाेगा। संचालन मुकेश काेठारी ने किया। प्रवक्ता अतुल जैन ने अाभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर डूंगरपुर, बांसवाड़ा जिले समेत दशा हुम्मड़ समाज के विभिन्न गांवाें से समाज अध्यक्ष, प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अतिथियाें का फुलमाला से स्वागत किया गया। इस दाैरान विभिन्न गांव से पहुंचे समाज के अध्यक्ष व प्रतिनिधियाें का स्वागत किया। इस दाैरान अादिनाथ युवा मंच, पद्मावती महिला मंडल व समाज के लाेग उपस्थित रहे।

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