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पद्मावती ग्रुप रामगंज मंडी द्वारा पंचकल्याणक के सभी प्रमुख पात्रों का सम्मान किया : 8 नवंबर से आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के सान्निध्य में प्रारंभ होगा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव


रामगंज मंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज के सान्निध्य में आगामी 8 नवंबर से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव प्रारंभ होने जा रहा है। इसके पूर्व पद्मावती ग्रुप द्वारा सभी प्रमुख पात्रों का भव्य सम्मान किया गया। आचार्य श्री ने प्रवचन में सत्य, ईर्ष्या और नय दृष्टि पर गूढ़ विचार व्यक्त किए। पढ़िए अभिषेक जैन लुहाड़िया की रिपोर्ट…


रामगंजमंडी। परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज जी के सान्निध्य में 8 नवंबर से भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित होने जा रहा है, जिसके लिए तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। नगर में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण है, वहीं स्वागत और सम्मान का क्रम भी आरंभ हो चुका है।

इसी क्रम में शुक्रवार की संध्या बेला में रामगंज मंडी के पद्मावती ग्रुप द्वारा पंचकल्याणक में भूमिका निभाने वाले सभी प्रमुख पात्रों का विशेष सम्मान किया गया। भक्ति संगीत और भजनों की मधुर धुनों के बीच पात्रों को मुकुट, माला, हार पहनाकर तथा वस्त्र और मेवा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समूह के सभी सदस्यों ने कहा कि पंचकल्याणक में पात्र बनना और उनकी अनुमोदना करना दोनों ही सौभाग्य और पुण्य का अद्भुत अवसर हैं।

शनिवार की बेला में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में जीवन के सत्य और असत्य पर गहराई से विचार रखते हुए कहा —

“आज लोगों ने यह धारणा बना ली है कि साथ रहना है तो झूठ बोलकर ही रहना होगा, और अगर सत्य बोले तो साथ छूट जाएगा। लोग इसलिए झूठ बोलते हैं क्योंकि वे दूसरों को चमकता हुआ नहीं देखना चाहते।”

उन्होंने आगे कहा कि “ईर्ष्या प्रमाद का मूल कारण है। जब व्यक्ति ईर्ष्या के वश में होता है, तो इंद्रिय विषयों में आसक्त होकर प्रमाद में डूबता चला जाता है। जैन दर्शन सिखाता है कि कुछ भी समझो या बोलो तो नय दृष्टि से समझो ताकि पक्षपात का स्थान न रहे।”

इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुजन आचार्य श्री के प्रवचनों से गहराई से प्रभावित हुए।

युगल वार्तालाप सेमिनार” का आयोजन

रविवार की बेला में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज जी के सान्निध्य में अखिल भारतीय विनिश्चय ग्रुप द्वारा मुनि श्री 108 प्रांजल सागर महाराज के निर्देशन में “युगल वार्तालाप सेमिनार” का आयोजन किया जाएगा। इसमें वे जिन दंपति शामिल होंगे जिनके विवाह को 50 वर्ष या उससे अधिक हो चुके हैं। वे अपने धार्मिक अनुभवों और जीवन प्रेरणाओं को साझा करेंगे। इस अवसर पर विशेष पूजन थाल सजाकर आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज का भव्य पूजन किया जाएगा और विनिश्चय ग्रुप के सभी सदस्यों का सम्मान भी किया जाएगा।

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