कोटा में पहली बार पद्म पुराण पर आधारित जैन रामायण कथा का विराट आयोजन 21 से 30 नवंबर तक अकलंक स्कूल रामपुरा में होगा। जैन रामकथाकार ध्यान दिवाकर धर्म चक्रवर्ती 108 श्री जयकीर्ति जी गुरुदेव इस आयोजन का दिव्य वाचन करेंगे। कार्यक्रम में प्रतिदिन चार विशेष पत्रों का चयन होगा और अनेक सामाजिक-धार्मिक हस्तियां उपस्थित रहेंगी। पढ़िए पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ की रिपोर्ट…
कोटा। मां चर्मण्यवति के पावन तट पर बसे औद्योगिक और शिक्षा नगरी कोटा के इतिहास में पहली बार पद्म पुराण पर आधारित जैन रामायण कथा का भव्य एवं अद्वितीय आयोजन होने जा रहा है। जैन रामकथाकार, अनुष्ठान विशेषज्ञ और ध्यान दिवाकर धर्म चक्रवर्ती 108 श्री जयकीर्ति जी गुरुदेव के सान्निध्य में यह दिव्य कथा 21 नवंबर से 30 नवंबर तक अकलंक स्कूल, रामपुरा की पावन भूमि पर आयोजित होगी।
उद्घाटन दिवस 21 नवंबर को ध्वजारोहण का सौभाग्य पूर्ण्याजक पीयूष जी, मनीष जी, अनिल जी और अलौकिक जी बज परिवार को प्राप्त होगा। वहीं कलश स्थापना का कार्य रविंद्र जी, रेणु जी, विपुल बाकलीवाल परिवार द्वारा संपादित किया जाएगा। जिनवाणी पालकी में रखने का सौभाग्य चेतन शिला जी जैन रामगढ़ वालों को प्राप्त होगा। प्रमुख श्रोता के रूप में श्रेणिक जी, मनोज-ममता, प्रवेश-रेणु, पीयूष, पलक, गर्वित बज परिवार जन शामिल होंगे।
अकलंक एसोसिएशन के अध्यक्ष पीयूष बज और सचिव अनिमेष जैन ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ पत्रकार को जानकारी देते हुए बताया कि कथा में प्रतिदिन चार पत्रों का चयन होगा। इसमें प्रथम श्रोता राजा सैनिक, द्वितीय जिनवाणी पालकी परिवार, तृतीय प्रक्षालन परिवार तथा चतुर्थ मंगल आरती परिवार सम्मिलित होंगे। इच्छुक श्रद्धालु इन पत्रों के लिए पीयूष बज मोबाइल नंबर 9414187108 से संपर्क कर धर्मलाभ प्राप्त कर सकते हैं।
कथा में महाराष्ट्र से आए संगीतकारों द्वारा भव्य संगीत प्रस्तुति दी जाएगी, जो इस आयोजन को और अधिक आध्यात्मिक और भावपूर्ण बनाएगी। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जैन समाज के लिए प्रेरणा, संस्कृति और आध्यात्मिकता से भरपूर ऐतिहासिक अवसर है।
नई चेतना, सद्भाव और धर्मभाव जागृत
पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ ने बताया कि इससे पूर्व जयपुर के दुर्गापुरा नगर में भी इसी प्रकार की जैन रामकथा का आयोजन हुआ था, जिसमें प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होते थे। कोटा में भी इस आयोजन से पूरे समाज में नई चेतना, सद्भाव और धर्मभाव जागृत होने की पूर्ण संभावना है। इस भव्य जैन रामकथा में सकल दिगंबर जैन समाज समिति के अध्यक्ष प्रकाश बज, महामंत्री पदम बडला, कोषाध्यक्ष जितेंद्र हरसोरा, जे. के. जैन, विनोद जैन टोरडी, विमल जैन नान्ता, विमल जैन वर्धमान, मनोज जायसवाल, लोकेश जैन, राजमल पाटोदी, राकेश जैन चपलमन और निर्मल जैन सहित अनेक श्रावक-श्रेष्ठी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।













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