अवधपुरी स्थित श्री पदमप्रभु जिनालय में आज शुभ मुहूर्त में शिखर निर्माण कार्य की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में समाजजन उत्साह और श्रद्धा के साथ शामिल हुए। यह निर्माण आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था का प्रतीक बनेगा। श्रीफल साथी शुभम जैन की रिपोर्ट
आगरा। “धम्मो मंगल मुक्खित्थं” की मंगल ध्वनि और विधि-विधान के साथ अवधपुरी के पदमप्रभु जिनालय में आज शिखर निर्माण का पावन आरंभ किया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी।
प्रतीक्षित क्षण हुआ पूरा
लंबे समय से जिसकी प्रतीक्षा थी, वह शुभ घड़ी आज आई। शुभ मुहूर्त में प्रथम शिला रखकर शिखर निर्माण की शुरुआत होते ही वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
शिखर — आस्था का प्रतीक
जिनालय परिवार और समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा—
> “यह शिखर सिर्फ एक निर्माण नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक श्रद्धा, समर्पण और एकता का प्रतीक है।”
उन्होंने बताया कि यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक धरोहर के रूप में दर्ज होगा।
भक्तों में उल्लास और भावुकता
भक्तों ने इस क्षण को अत्यंत सौभाग्य का दिन बताया। कई श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार और प्रार्थना करते हुए प्रभु से मंगलकामना की —
“कार्य सफल हो, समाज में धर्म, शांति और सद्भावना बनी रहे।”
समाज की बड़ी उपस्थिति
इस पावन अवसर पर पदमप्रभु जिनालय परिवार सहित अवधपुरी सकल जैन समाज बड़ी संख्या में उपस्थित रहा और सभी ने मिलकर इस ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाया।
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