सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज ने अतिशय क्षेत्र महावीर जी में अपने तृतीय आचार्य पदारोहण दिवस पर धर्मसभा को सम्बोधित किया। श्री ज्ञेयसागर जी महाराज का आचार्य पदारोहण दिवस एवं मुनिश्री ज्ञातसागर जी महाराज का दीक्षा दिवस समारोह अतिशय क्षेत्र महावीर जी में सृष्टि मंगलम परिवार द्वारा विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…
श्रीमहावीर जी। धर्म से जुड़ने पर सभी सांसारिक परेशानियों का अंत हो जाता है। धर्म से हमें आत्म शांति तो मिलती ही है, संस्कारों के साथ ही हममें विनम्रता भी आती है। धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार दान देना श्रेष्ठतम कार्य माना गया है, किंतु वर्तमान में समय दान देना भी बहुत बड़ा काम है। आजकल की युवा पीढ़ी में संस्कारों का अभाव देखने को मिलता है। इसके लिए काफी हद तक मोबाइल फोन भी जिम्मेदार है। अपने बच्चों को मोबाइल से दूर रखने का प्रयास करें। संस्कारों के बीजारोपण हेतु धार्मिक पाठशालाओं का संचालन अति आवश्यक है। आप सभी अपने बच्चों को उन पाठशालाओं में अवश्य भेजें, ताकि आपके बच्चें धार्मिक एवं संस्कारवान बन सकें। उक्त विचार सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज ने अतिशय क्षेत्र महावीर जी में अपने तृतीय आचार्य पदारोहण दिवस पर धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये।
हुए धार्मिक कार्यक्रम
जैनाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज का आचार्य पदारोहण दिवस एवं मुनिश्री ज्ञातसागर जी महाराज का दीक्षा दिवस समारोह अतिशय क्षेत्र महावीर जी में सृष्टि मंगलम परिवार द्वारा विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। समारोह का कुशल संचालन पंडित मुकेश शास्त्री महावीरजी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के शुभारम्भ में मंगलाचरण ब्र.नवीन भैयाजी एवं महावीर भैयाजी, चित्र अनावरण कमलेश राजेन्द्र भण्डारी मुरैना एवं दीप प्रज्वलन राजकुमार जैन गुड्डू आगरा, एस के जैन आगरा, अनिल जैन व्याख्याता, सुरेशचंद बाबूजी, मनोज नायक, अनूप भण्डारी मुरैना ने किया। पूज्य गुरुदेव ज्ञेयसागर जी का पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट राजेन्द्र कमलेश भण्डारी मुरैना एवं पूज्य मुनिश्री ज्ञातसागर जी के पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट सुमतिचन्द, राशि जैन गाजियाबाद ने किया। पूज्य गुरुदेव की अष्टद्रव्य से पूजन में ब्रह्मचारी महावीर भैया एवं नवीन भैया ने स्थापना की, साथ ही जल राजेन्द्र भण्डारी मुरैना ने, चंदन राजीव जैन सहारनपुर ने, अक्षत संजय रानी जैन मुरैना ने, पुष्प पुष्पा जैन गाजियाबाद ने , नैवेद्य महेंद्र जैन अलीगढ़ ने, दीप एस के जैन आगरा ने, धूप महेश जैन परीक्षा मुरैना ने, फल विशम्भरदयाल अनूप भण्डारी मुरैना ने, अर्घ्य अनिल जैन व्याख्याता मुरैना ने, जयमाला अर्घ्य मीना रावंका मन्दसौर ने अर्पित किए। शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य पवन जैन आशीष जैन (बसेड़ा वाले) मुजफ्फरनगर, राहुल जैन आगरा, मुरैना निवासी अजय जैन गौसपुर, अनिल जैन व्याख्याता, मुकेश जैन पलपुरा, बाबूलाल जैन, विमल जैन बघपुरा, अनूप भण्डारी को प्राप्त हुआ।
ये रहे मौजूद
नरेश भूषण जैन दिल्ली ने अपने भजनों से सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर राजेन्द्र भण्डारी मुरैना, सतीशचन्द जैन, नरेश भूषण दिल्ली, बीना पवन जैन मुजफ्फरनगर, राजकुमार गुड्डू, सुरेंद्र जैन, मोंटी जैन, राहुल जैन आगरा, मीना रावंका मंदसौर, महेंद्र जैन अलीगढ़, पुष्पा जैन गाजियाबाद, राजीव जैन सहारनपुर, सुमतिचन्द जैन गाजियाबाद सहित सैकड़ों की संख्या में गुरुभक्त मौजूद थे। गुरुभक्तों में सर्वाधिक संख्या मुरैना से रही, जिसमें डॉ. मनोज जैन, नितिन जैन, विमल जैन, मुकेश जैन, मनीष जैन, शैलेश जैन शैलू, राजीव टीटू जैन, छोटू जैन, कुशल जैन, गौरव जैन, जयचंद जैन, प्रमोद शास्त्री सहित सैकड़ों की संख्या में गुरुभक्त मौजूद थे।













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