प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की निर्वाण स्थली अष्टापद बद्रीनाथ के कपाट आचार्यश्री प्रसन्नसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में खोले गए। इस अवसर पर मंगलाचरण और मंगल मंत्रोच्चार किया गया। भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और पूजन किया गया। अष्टापद बद्रीनाथ से पढ़िए, कीर्ति पांड्या की यह खबर…
अष्टापद बद्रीनाथ। प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की निर्वाण स्थली अष्टापद बद्रीनाथ के कपाट आचार्यश्री प्रसन्नसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में मंगल मंत्रोच्चार के साथ संघपति दिलीप हूमड बड़ौदा, स्व. महावीर प्रसाद बड़जात्या परिवार के प्रतिनिधि आदित्य कासलीवाल एवं अमित कासलीवाल द्वारा रवि पुष्य मुहूर्त प्रातः 6.03 बजे खोले गए। इसके बाद आचार्य ससंघ ने सर्वप्रथम मंदिरजी में प्रवेश किया। पट शुभारंभ के पूर्व मंगलाचरण आभा जैन, नीना चौधरी, सुधा काला, उषा कासलीवाल, अनिता बड़जात्या ने किया। मंगल ध्वज का ध्वजारोहण अनिल मीना जैन नागपुर ने किया।
विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने की शांतिधारा
इस अवसर पर अष्टापट तीर्थ के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सेठ खुरई, ट्रस्टी ललित बड़जात्या, विजय काला, विकास गंगवाल, प्रदीप चौधरी, जिनेंद्र कासलीवाल राजेंद्र सोनी, उप संघपति श्रवण दोषी नागपुर, मनोज मोतीलाल झांझरी हैदराबाद, पुष्प ग्रुप अहमदाबाद, सहित सैकड़ों भक्त कोलकाता, असम, गुवाहाटी, उड़ीसा, गुजरात, दिल्ली, उत्तराखंड छतरपुर से उपस्थित रहे। भगवान का प्रथम कलश मुकेश मनोज बाकलीवाल इंदौर ने लिया। शांतिधारा का सौभाग्य पन्नालाल, सुनील बेंगलुरु, मनोज शिल्पा जैन परिवार हैदराबाद ने प्राप्त किया। इस अवसर पर अंतर्मना निलय का भूमि पूजन पंडित अशोक शास्त्री, पंडित अर्पित जैन के सानिध्य में विजय सुधा काला सनावद, सुरेश नीता पांड्या परिवार ने किया।
विशेष सेवा भावी का किया सम्मान
इस अवसर पर क्षेत्र में विशेष सेवा देने वाले सहारनपुर के राजीव जैन का सम्मान किया गया। संचालन क्षेत्र के महामंत्री कीर्ति पांड्या ने किया। स्वागत उदबोधन क्षेत्र के अध्यक्ष आदित्य कासलीवाल ने किया। क्षेत्र के विकास एवं निर्माण योजना की जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष अमित जी कासलीवाल ने दी। हर्षध्वनि के साथ विलास पाटनी अकोला ने निर्माण में सहयोग देने की घोषणा की।














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