तहत राज्य सरकार ने राजस्थान अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड (आरएमएफडीसीसी) के ऋणियों को राहत प्रदान करने के लिए एक मुश्त समाधान योजना (वन टाइम सेटलमेंट स्कीम) (ओटीएसएस) लागू की है। इस योजना के दो चरण हैं तथा वर्तमान में योजना के प्रथम चरण की क्रियान्विति की जानी हैं। इस योजना के दो चरण हैं तथा वर्तमान में योजना के प्रथम चरण की क्रियान्विति की जानी हैं। बामनवास से पढिए, मोहित जैन की यह खबर…
बामनवास। राज्य सरकार के बजट 2025-26 की घोषणा के तहत राज्य सरकार ने राजस्थान अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड (आरएमएफडीसीसी) के ऋणियों को राहत प्रदान करने के लिए एक मुश्त समाधान योजना (वन टाइम सेटलमेंट स्कीम) (ओटीएसएस) लागू की है। आरएमएफडीसीसी की प्रबंध निदेशक रजनी सी सिंह ने बताया कि इस योजना के दो चरण हैं तथा वर्तमान में योजना के प्रथम चरण की क्रियान्विति की जानी हैं। रजनी सी सिंह ने बताया कि प्रथम चरण 1 मई से 30 सितंबर तक लागू रहेगा। इस चरण में 31 मार्च 2024 को ऋणियों में बकाया अतिदेय (ओवरड्यू) मूलधन का एक मुश्त चुकारा 30 सितंबर तक करने पर अतिदेय ब्याज एवं शास्ति (दंडनीय ब्याज) में शत-प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण 1 अक्टूबर से 31दिसंबर तक लागू रहेगा लेकिन, इस चरण में 31 मार्च 2024 को ऋणियों में बकाया अतिदेय मूलधन एवं ब्याज एक मुश्त जमा कराने पर ऋणी की शास्ति (दंडनीय ब्याज) में शत-प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी।
राज्य स्तर पर योजना के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग निगम मुख्यालय करेगा। इस योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न होने पर या विवाद की स्थिति में प्रबंध निदेशक राजस्थान अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम लि. जयपुर का निर्णय अंतिम होगा और सभी पक्षों को मान्य होगा। एक मुश्त समाधान योजना की अधिक जानकारी के लिए संबंधित जिले के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।













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