उत्तम क्षमा धर्म के दिन प्रातः 1008 भगवान आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर भगवान महावीर समवशरण सुखोदय तीर्थ नसियां जी में विशेष शांति धारा अभिषेक के बाद वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान नेमिनाथ भगवान का अभिषेक किया गया। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…
नौगामा। उत्तम क्षमा धर्म के दिन प्रातः 1008 भगवान आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर भगवान महावीर समवशरण सुखोदय तीर्थ नसियां जी में विशेष शांति धारा अभिषेक के बाद वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान नेमिनाथ भगवान का अभिषेक किया गया। अभिषेक के पश्चात श्री जी को गाजों-बाजों के साथ चातुर्मास पांडाल में पुण्यार्जक पंचोरी, विमल कुमार द्वारा लाकर गन गोटी में विराजमान किया गया। मोनू भैया, पंडित रमेश चंद्र गांधी की दिशा-निर्देशन में उपस्थित धर्म प्रेमी बंधुओ के उपस्थिति में अभिषेक किया गया। पांडाल शुद्धि के बाद माताजी के सानिध्य में पारसनाथ विधान के अर्घ्य चढ़ाए गए। विधान के मांडले पर मुख्य कलश राजेश कुमार छगनलाल शाह पुष्पेंद्र रमेश चंद्र, पंचोरी दीपेश विनोद, हितार्थ प्रकाश शांतिलाल गांधी सुधीर नवीन चंद्र के द्वारा स्थापित किए गए। द्रव्य के पुण्यार्जक गांधी अजीत कुमार सागरमल रहे। उत्तम क्षमा धर्म पर नौगामा नगर में धर्म प्रेमी बंधुओ द्वारा उपवास किए गए एवं 5 ,10,16 उपवास अभी चल रहे हैं
दोपहर में सरस्वती विधान एवं तत्वासूत्र का वाचन किया गया। शाम को पंडाल में महाआरती के बाद दीदी द्वारा उत्तम समाज धर्म पर मंगल प्रवचन हुआ। जैन पाठशाला की छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम किए गए। चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष निलेश जैन, उपाध्यक्ष राजेंद्र गांधी, नरेश जैन द्वारा माताजी को शास्त्र भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।













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