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गुरु की महिमा वर्णी ना जाए : गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गुरु से लिया आशीर्वाद 


 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया।पूर्वाचार्यों को अर्घ्य समर्पण किया गया तथा आचार्य श्री की बड़े भक्ति भाव से भक्ति नृत्य करते हुए पूजन हुआ। टोंक से पढ़िए, यह खबर…


टोंक। आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। चातुर्मास समिति प्रवक्ता पवन कंटान एवं विकास जागीरदार ने बताया कि धर्म उपदेश के पूर्व आदिनाथ भगवान एवं आचार्य शांति सागर जी सहित सभी आचार्यों के चित्रों के सम्मुख दीप प्रवज्लन पूर्व सांसद टोंक-सवाई माधोपुर सुखबीरसिंह जौनपुरिया, टोंक जिला प्रमुख सरोज नरेश बंसल, पूर्व चेयरमैन नगरपरिषद लक्ष्मी देवी, बीना जैन छामुनिया,निवाई चेयरमैन दिलीप इसरानी, निवाई विधायक रामसहाय वर्मा, विष्णु शर्मा, प्रभु बाडोलिया, विनायक जैन, सुमित जैन जयपुर, अमित छामुनिया द्वारा किया गया।

आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन कैलाश चंद, सुरेशचंद, नंदलाल, भागचंद, संजय कुमार, पारस कुमार, उमेश कुमार संघी परिवार द्वारा किया गया एवं जिनवाणी भेंट अंकित जैन जोबनेर परिवार द्वारा किया गया। पूर्वाचार्यों को अर्घ्य समर्पण किया गया तथा आचार्य श्री की बड़े भक्ति भाव से भक्ति नृत्य करते हुए पूजन जैन वूमेंस ग्रुप, बहुरानी महिला मंडल, आदिनाथ महिला मंडल, जिनवाणी महिला मंडल, आचार्य धर्मासागर पाठशाला, चंद्रप्रभु महिला मंडल काफला बाजार,पारसनाथ महिला मंडल आदर्श नगर, हाउसिंग बोर्ड महिला मंडल, पटेल सर्कल महिला मंडल, पांच मंदिर पुरानी टोंक महिला मंडलों ने बारी बारी से अष्ट द्रव्य जल चंदन अक्षत पुष्प नैवेद्य दीप धूप फल और अर्घ्य समर्पित कर पूजन किया। इसके पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुपूर्णिमा के साथ हुआ । आचार्य श्री ने अपने पूर्व आचार्यों का स्मरण करते हुए उनकी महिमा पर प्रकाश डाला।

शिष्य में कृतज्ञता, विनय का गुण होना चाहिए 

भगवान श्री महावीर स्वामी की देशना केवल ज्ञान प्राप्त होने के बाद भी अनेक दिनों तक मुखरित नहीं हुई तब सोधर्म इन्द्र के माध्यम से इंद्रभूति गोतम को भगवान का समवशरण में मानस्तंभ देखकर उनका मान ओर मिथ्यात्व दूर हुआ और उन्होंने अंतिम शासन नायक श्री महावीर स्वामी से दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा लेते ही श्री गौतम स्वामी को मनपर्ययज्ञान तथा 64 में से 63 रिद्धि प्राप्त हुई और 66 दिन बाद प्रथम गणधर श्री गौतम स्वामी ने भगवान की दिव्य देशना को ग्रहण कर शास्त्रों में लिपिबद्ध किया। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित धर्म सभा में प्रगट की। गुरुभक्त राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने बताया कि श्री गौतम स्वामी ने चार प्रथमानुयोग, करुणानुयोग,द्रव्यानुयोग,ओर चरणानुयोग की रचना की।आचार्य श्री ने बताया कि गुरु ज्ञान देते हैं इसलिए उपकार कारण गुरुपूर्णिमा मनाई जाती हैं गुरुभक्त राजेश पंचोलिया इंदौर के अनुसार आचार्य श्री ने गुरु ओर शिष्य के बारे बताया कि शिष्य ने कृतज्ञता, नम्रता विनय शिष्टाचार सहित अनेक गुण होना चाहिए शिष्य को सद आचारणवान और पाप से भीरू होना चाहिए क्योंकि पाप संसार रूपी समुद्र में डूबा देता हैं इसलिए 6 द्रव्य,सात तत्वों धर्म का सहारा लेकर पुण्य का उपार्जन करना चाहिए। सभी को व्यसन और फैशन से बचना चाहिए।

इस अवसर पर भिंडर,किशनगढ़ पारसोला ,इंदौर,सनावद, जयपुर ,बंगलौर, बोली, निवाई, ओर निकट के अनेक नगरों से गुरुभक्त उपस्थित हुए प्रातः आचार्य श्री के दर्शन भक्ति की समस्त संघ ने आचार्य भक्ति पूर्वक वंदना की।

वीर शासन जयंती मनाई जाएगी

11 जुलाई शुक्रवार को प्रातः काल 8 बजे श्री दिगंबर जैन नसिया में वीर शासन जयंती मनाई जाएगी जिसके अंतर्गत जैन नसिया परिसर में प्रभात फेरी निकाली जाएगी उसके पश्चात आचार्य श्री के सानिध्य में भगवान महावीर स्वामी की पूजा अर्चना की जाएगी तत्पश्चात आचार्य श्री के मंगल प्रवचन होंगे।

समाज के मंत्री राजेश सर्राफ नें बताया कि प्रतिदिन अभिषेक, शांतिधारा की क्रियाएं संपन्न की जाती है। उसके बाद आचार्य श्री की मंगल प्रवचन दिन में आचार्य श्री द्वारा स्वाध्याय,शास्त्र ज्ञान संघ को दिए जाता है शाम को आरती की जाती है।

यह रहे मौजूद 

इस मौके पर चतुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष भागचंद फूलेता, धर्मचंद दाखिया, मंत्री राजेश सराफ, धर्मेंद्र पासरोटियां, कमल सराफ,पप्पू नमक,टोनी आंडरा,ज्ञानचंद छामुनिया, आशु दाखिया, नीटू छामुनिया, पुनीत जागीरदार, दिनेश छामुनिया, रमेश काला, बेनी प्रसाद कल्ली, आदि मौजूद रहे।

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