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सिद्धचक्र विधान में कवि सम्मेलन होगा : ज्ञान के बगैर कुछ भी सम्भव नहीं हैं -स्वस्तिभूषण माताजी


जैन बगीची में चल रहे विधान के तीसरे दिन जैन साध्वी ने कहा कि जो जीव अपने ज्ञान का सद्पयोग करता है, उसे सुख रूपी मीठे फल मिलते हैं और जो अपने ज्ञान का दुरुपयोग करता है, उसे दुख रूपी कांटे मिलते हैं। इस अवसर पर अनेक कार्यक्रम भी हुए। पढ़िए मनोज नायक की विशेष रिपोर्ट…


मुरैना। हमारे अंदर ज्ञान की असीम क्षमता है। सांसारिक प्राणी ज्ञान का भंडार है। एक मात्र मनुष्य पर्याय ही ऐसी पर्याय है कि वह जितना ज्ञान लेकर पैदा होता है, वह उसे बढ़ा भी सकता है और घटा भी सकता है। पशु, पक्षी या जानवर ऐसा नहीं कर सकते। जो जीव अपने ज्ञान का सद्पयोग करता है, उसे सुख रूपी मीठे फल मिलते हैं और जो अपने ज्ञान का दुरुपयोग करता है, उसे दुख रूपी कांटे मिलते हैं। ज्ञान के बगैर कुछ भी सम्भव नहीं है।

ज्ञान को कल्पवृक्ष भी कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगा। ज्ञान तो हमारे जीवन की धुरी है। ज्ञान से मोक्ष भी प्राप्त किया जा सकता है। चोर कितनी सफाई से चोरी करता है कि वह अपने खिलाफ कोई सबूत नहीं छोड़ता। झूठ बोलने बाला कितनी चालाकी से झूठ बोलता है कि कोई समझ ही नहीं पाता कि वह झूठ बोल रहा है। अर्थात् वह चाकू की तरह है। यदि चाकू ज्ञानी के हाथ में है तो वह आपकी जान बचा सकता है और यदि चाकू किसी चोर डाकू या अज्ञानी के हाथ में है तो वह आपकी जान ले भी सकता है। उक्त बात जैन साध्वी गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने जैन बगीची में हो रहे श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान में धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। आठ दिवसीय विधान के चौथे दिन पूज्य आर्यिका माताजी ने कहा कि गाड़ी आगे बढ़ाओ या पीछे करो, ईंधन तो दोनों ही कार्यो में खर्च होगा।

एक शिक्षक सैकड़ों बच्चों को एक समान शिक्षा देता है किंतु परिणाम सभी के अलग-अलग आते हैं। इसी प्रकार सांसारिक प्राणी अपने ज्ञान का उपयोग जिस दिशा में करेगा, परिणाम भी उसी अनुरूप प्राप्त होंगे। पाप भी बिना ज्ञान या बिना शक्ति के नहीं हो सकता। कार्यक्रम के प्रारम्भ में विनोदकुमार सुनीलकुमार जैन (पलपुरा वाले) ने दीप प्रज्वलन किया। आरती का सौभाग्य सुरेन्द्रकुमार अमित पिंटू जैन (रतीराम पुरा) को प्राप्त हुआ। मंचासीन आर्यिका संघ को विनीत कुमार महावीर पुरा मुरैना ने जिनवाणी भेंट की। रात्रिकालीन बेला में ललितपुर के नाट्य कलाकारों द्वारा भक्ति में शक्ति नाटक का मंचन किया गया।

कवि सम्मेलन होगा

शुक्रवार  रात्रि को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिसमें सोम ठाकुर आगरा, राजवीर क्रांति सर मथुरा, राणा जेवा ग्वालियर, रविन्द्र रवि गुना, संतोष अवस्थी इटावा, नमोकार जैन नमन श्री गुढ़ाजी, साबिर रजा भिंड, अनिल जैन बेधड़क एवं पुष्पराज जैन ग्वालियर काव्य पाठ करेंगे।

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