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दसलक्षण महापर्व का चौथा दिन उत्तम शौच धर्म मनाया : पवित्रमति माताजी के सानिध्य में पुष्पदंत भगवान का निर्वाण लाडू चढ़ाया 


दसलक्षण पर्व के उत्तम शौच धर्म के चौथे दिन आज प्रातः 1008 भगवान महावीर समवशण मंदिर, आदिनाथ मंदिर जी नसिया जी में प्रातः माता जी के सानिध्य में वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान नेमिनाथ भगवान की शांति धारा और अभिषेक किया गया। अभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य पंचोरी सिद्धेश सुरेश चंद्र पंचोरी रमेश चंद्र मोतीलाल, पिंडारमिया राजेंद्र कुमार सागरमल को प्राप्त हुआ। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…


नौगामा। दसलक्षण पर्व के उत्तम शौच धर्म के चौथे दिन आज प्रातः 1008 भगवान महावीर समवशण मंदिर, आदिनाथ मंदिर जी नसिया जी में प्रातः माता जी के सानिध्य में वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान नेमिनाथ भगवान की शांति धारा और अभिषेक किया गया। अभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य पंचोरी सिद्धेश सुरेश चंद्र पंचोरी रमेश चंद्र मोतीलाल, पिंडारमिया राजेंद्र कुमार सागरमल को प्राप्त हुआ। अभिषेक के बाद चातुर्मास पंडाल स्थल में गन गोटी में विराजमान भगवान की प्रतिमा का संस्कार शिविर के शिविरार्थियों एवं उपस्थित धर्म प्रेमी बंधुओं द्वारा बड़े भक्ति भाव से अभिषेक किया गया।

साथ ही अभिषेक शांतिधारा का सौभाग्य महावीर ट्रेडर्स व गांधी जयंतीला को प्राप्त हुआ। प्रातः माताजी के सानिध्य एवं पंडित रमेश चंद्र गांधी, मोनु भैया मुंगावली, वीना दीदी के निर्देशन में शांति विधान के अर्घ्य बड़े भक्ति भाव से वाद्य यंत्रों की मधुर स्वर लहरों के साथ गरबा नृत्य करते हुए चढ़ाए गए। इस अवसर पर 16कारण पूजन, दसलक्षण पूजन, सरस्वती पूजन किया गया। आज के द्रव्य दान करने का सौभाग्य गांधी सुवीन जयंतीलाल को प्राप्त हुआ। आज भगवान पुष्पदंतनाथ का निर्वाण महोत्सव का लाडू चढ़ाया गया। इस अवसर पर पवित्रमति माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि उत्तम शौच धर्म( श्रेष्ठ शुद्धता) उत्तम सोच का मतलब है आंतरिक और बाहरी शुद्धता। यह न केवल शरीर की शुद्धता की बात करता है बल्कि मन वचन और कर्म की शुद्धता पर भी बल देता है।

व्यक्ति को अपने विचारों और कार्यों में शुद्धता का पालन करना चाहिए ताकि वह आत्म शुद्धि के मार्ग पर अग्रसर हो सके। दोपहर में करण मति माताजी द्वारा तत्वार्थ सूत्र का वाचन एवं अर्थ बताया गया। शाम को महा आरती प्रतिक्रमण के बाद राशि दीदी का मंगल प्रवचन हुआ। प्रवचन के पश्चात मोनू भैया मुंगावली के द्वारा भक्तामर के 48 दीप विधान प्रज्वलित किए गए एवं जैन पाठशाला के छात्रों द्वारा नाटक का मंचन किया गया। चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष निलेश जैन, राजेंद्र जैन, नरेश जैन ने बताया कि अभी नौगामा नगर में संस्कार शिविर में लगभग 100 शिविरार्थी व्रत-उपवास कर रहे कर रहे हैं एवं 5,10,16 उपवास भी चल रहे हैं।

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