बड़वानी में जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर का निर्वाण कल्याणक समाज जन ने बड़ी धूम धाम से मनाया। विगत तीन दिनों से दीप शिखा पर्व की धूम रही।धमनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर…
धामनोद। बड़वानी में जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर का निर्वाण कल्याणक समाज जन ने बड़ी धूम धाम से मनाया। विगत तीन दिनों से दीप शिखा पर्व की धूम रही। पहला दिन धनतेरस, उस दिन भगवान महावीर की दिव्य ध्वनि खीरी थी और छोटी दीपावली और आज कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अमावस को पावापुरी के पद्म सरोवर में योग निरोध करके मोक्ष प्राप्त किया। इसीलिए जैन समाज के श्रावक दीपावली मोक्ष कल्याणक के रूप में मनाते है। मंगलवार को प्रातः समाज जन अल सुबह जैन मंदिर पहुंचे और भगवान के अभिषेक,शांतिधारा नित्य नियम की पूजन भगवान महावीर की पूजन और निर्वाण कांड का वाचन कर निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। आज के दिन प्रातः ही भगवान को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी और शाम के समय भगवान महावीर के गणधर गौतम स्वामी को केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।
इसीलिए केवल ज्ञान लक्ष्मी का पूजन करते है। समाज जनों ने बावनगजा, हरसुख स्कूल भी पहुंच कर निर्वाण लाडू चढ़ाया और एक दूसरे को बधाई दी। आज ही के दिन के बाद जैन धर्म का नया वीर निर्वाण संवत प्रारम्भ होता है। शाम को मंदिर में भगवान की आरती की गई। इस अवसर पर समाज के युवा, बच्चे,महिला,पुरुष उपस्थित रहे। यह जानकारी समाज अध्यक्ष जिनेन्द्र दोशी और महिला मंडल अध्यक्ष सरला गोधा ने प्रदान की।













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